अगस्त में अमेरिका, भारत को LPG भेजने वाला सबसे बड़ा सप्लायर रहा। अमेरिका ने अब तक 6,22,536 टन LPG भेजी है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1,40,266 टन सप्लाई के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद अल्जीरिया तीसरे नंबर पर है।
अल्जीरिया अब भारत को रसोई गैस यानी LPG सप्लाई करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। अल्जीरिया ने जून 2026 में भारत को LPG भेजना शुरू किया था। उस समय जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर असर हुआ था, जिसके चलते भारत को LPG की सप्लाई के लिए नए देशों की जरूरत पड़ी। कस्टम और जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में अब तक अल्जीरिया ने भारत को 1,10,711 टन LPG भेजी है। यह अगस्त में भारत द्वारा अब तक आयात की गई करीब 10.8 लाख टन LPG का लगभग 10 प्रतिशत है।
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में अमेरिका, भारत को LPG भेजने वाला सबसे बड़ा सप्लायर रहा। अमेरिका ने अब तक 6,22,536 टन LPG भेजी है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1,40,266 टन सप्लाई के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद अल्जीरिया तीसरे नंबर पर है। अल्जीरिया से भारत को LPG की सप्लाई लगातार बढ़ रही है। जून में अल्जीरिया ने 22,244 टन के करीब LPG भेजी थी, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 21,642 टन हो गया था। अगस्त में सप्लाई में काफी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। अल्जीरिया की सरकारी कंपनी सोनाट्रैक दुनिया की बड़ी LPG निर्यातक कंपनियों में शामिल है। LPG निर्यात के मामले में यह सरकारी सऊदी कंपनी सऊदी अरामको के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है।
भारत के लिए अहम है अल्जीरिया की सप्लाई
यह बदलाव भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। भारत दुनिया में घरेलू इस्तेमाल वाली LPG खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। देश में करीब 34 करोड़ LPG उपभोक्ता हैं। भारत को हर साल करीब 3.3 करोड़ टन LPG की जरूरत होती है, जिसमें से लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा दूसरे देशों से आयात किया जाता है। इस आयात पर भारत करीब 11 अरब डॉलर खर्च करता है। भारत की LPG सप्लाई का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया के देशों से आता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से भारत की LPG सप्लाई पर असर पड़ा है।
केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में भारत का LPG आयात करीब 10.8 लाख टन रहा, जो पिछले साल अगस्त के 19.1 लाख टन के मुकाबले लगभग आधा है। 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर रोक लगने के बाद LPG की सप्लाई में परेशानी बढ़ी है। सप्लाई की इस कमी को देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू LPG की खरीद पर सीमा तय कर दी है। इसके साथ ही नए LPG कनेक्शन जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है।
इंडियन ऑयल ने अल्जीरिया से की बड़ी डील
रॉयटर्स की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने अल्जीरिया की सरकारी कंपनी सोनाट्रैक के साथ बड़ी LPG डील की है। इस समझौते के तहत इंडियन ऑयल 2027 में हर महीने करीब 55,000 टन LPG खरीदेगा। खास बात यह है कि अल्जीरिया से मिलने वाली LPG की कीमत सऊदी अरामको की तय कीमत से कम है। ऐसे में यह सौदा भारत के लिए किफायती होने के साथ-साथ LPG की जरूरत को पूरा करने में भी मददगार साबित हो सकता है।
LPG की सप्लाई पर भारत का जोर
बदलते वैश्विक और राजनीतिक हालात के बीच भारत LPG की सप्लाई को मजबूत करने के लिए दूसरे देशों से भी गैस खरीदने के विकल्प तलाश रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में भारत को LPG के साथ-साथ ऊर्जा से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए भी नए और अलग-अलग सोर्स तैयार करने होंगे। ईवाई-पार्थेनॉन इंडिया के ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख और पार्टनर गौरव मोडा ने कहा कि भारत की विकास रणनीति में ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों से सप्लाई हासिल करना हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। लगातार और सुरक्षित सप्लाई बनाए रखने के लिए नए स्रोतों की तलाश करना और मौजूदा स्रोतों का विस्तार करना जरूरी है।
वहीं, इस महीने की शुरुआत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अहम कदम उठाया। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण LPG की सप्लाई प्रभावित होने के बीच मंत्रालय ने पहली बार देश की रिफाइनरियों के लिए घरेलू इस्तेमाल वाली LPG के उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इसका मकसद देश में कुकिंग गैस की उपलब्धता बनाए रखना और आयात पर निर्भरता को कम करना है।
LPG के लिए अमेरिका पर बढ़ी निर्भरता
अमेरिका-ईरान जारी जंग के बीच मिडिल ईस्ट से LPG की सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत ने अमेरिका से आयात बढ़ाया है। जंग शुरू होने के बाद से भारत के कुल LPG आयात में अमेरिकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। फिलहाल भारत जितनी LPG दूसरे देशों से खरीद रहा है, उसमें अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 57.7 प्रतिशत है। केप्लर में मॉडलिंग के वरिष्ठ प्रबंधक सुमित रिटोलिया ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भारत का रुझान अमेरिकी LPG की ओर बढ़ा है। खासकर LPG के मामले में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि इसे सीधे तौर पर यह कहना सही नहीं होगा कि भारत जानबूझकर पश्चिम एशिया से मिलने वाली LPG को अमेरिकी सप्लाई से बदल रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में LPG की सीमित उपलब्धता है। सुमित रिटोलिया के मुताबिक, सप्लाई में कमी के बीच भारतीय खरीदारों को अलग-अलग देशों से LPG खरीदने और दूसरे स्रोतों से माल मंगाने की जरूरत पड़ रही है। इसी वजह से अमेरिका से LPG आयात बढ़ा है।
भारत और अल्जीरिया के बीच 1.71 अरब डॉलर का व्यापार
वित्त वर्ष 2024-25 तक भारत और अल्जीरिया के बीच कुल व्यापार करीब 1.71 अरब डॉलर रहा। इसमें भारत ने अल्जीरिया को करीब 94.7 करोड़ डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि अल्जीरिया से भारत ने करीब 76 करोड़ डॉलर का सामान आयात किया। भारत से अल्जीरिया को भेजे जाने वाले प्रमुख सामानों में चावल, दवाइयां, प्लास्टिक से जुड़े उत्पाद, ग्रेनाइट, लोहा-स्टील और बिना हड्डी का मांस शामिल हैं।
वहीं, अल्जीरिया से भारत को मुख्य रूप से कच्चा तेल, तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी), प्राकृतिक कैल्शियम फॉस्फेट, मेथनॉल और यूरिया जैसे उत्पाद भेजे जाते हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार का महत्व लगातार बढ़ रहा है। खासकर LPG की सप्लाई बढ़ने के साथ भारत और अल्जीरिया के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत होने की संभावना है।