Published: Sunday, September 27, 2026, 19:10 [IST]
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से रेप के आरोप के बाद शनिवार रात से शुरू हुआ हंगामा रविवार तक जारी रहा। छात्रों ने पहले कैंपस में प्रदर्शन किया। इसके बाद तोड़फोड़ हुई और एक जगह आग भी लगा दी गई। मामला इतना बढ़ा कि प्रदर्शनकारी छात्र यूनिवर्सिटी से बाहर निकलकर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर बैठ गए। सड़क जाम होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई।
विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर तेजी से फैले एक मैसेज से हुई। इसमें दावा किया गया कि गर्ल्स हॉस्टल में एक बाहरी व्यक्ति ने छात्रा के साथ रेप किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि मामले की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्रोत में नहीं है। यूनिवर्सिटी ने इन्हें बेबुनियाद बताया है।
सोशल मीडिया मैसेज से शुरू हुआ विवाद, फिर हॉस्टल के बाहर जुटे छात्र
शनिवार (26 सितंबर) रात यह मैसेज फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल के बाहर जमा होने लगे। उनका गुस्सा यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी था। छात्रों का कहना था कि अगर कैंपस में बाहरी व्यक्ति आसानी से पहुंच सकता है तो सुरक्षा के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है।
रात बढ़ने के साथ प्रदर्शन तेज हो गया। छात्रों ने प्रशासन और सुरक्षा कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद यूनिवर्सिटी की संपत्ति में तोड़फोड़ शुरू हुई। मुख्य गेट को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई। गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी पत्थरों से तोड़ने की कोशिश की गई। कुछ जगह आग लगाने की तस्वीरें भी सामने आईं।
हाईवे पर क्यों बैठ गए छात्र, पुलिस से क्या मांग थी?
कैंपस के अंदर प्रदर्शन के बाद छात्र मुख्य गेट से बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने नेशनल हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। इससे सड़क पर ट्रैफिक रुक गया और गाड़ियों की कतार लग गई। छात्रों की मुख्य मांग थी कि जिस छात्रा के साथ रेप का आरोप लगाया जा रहा है, उसके मामले में एफआईआर दर्ज हो और निष्पक्ष जांच हो।
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों ने रात करीब 2 बजे हाईवे जाम किया था। छात्रों का कहना था कि जी-3 हॉस्टल में रहने वाली एक लड़की के साथ तीन दिन पहले रेप हुआ, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस पहले बोली- शिकायत में लड़की की पहचान तक नहीं
मामला बढ़ने से पहले पुलिस का कहना था कि उसके पास रेप की कोई ठोस शिकायत नहीं आई है। फगवाड़ा के एसपी मेजर सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी के कृषि विभाग की एक छात्रा ने चार-पांच दिन पहले आत्महत्या की थी। पुलिस ने उसके माता-पिता को बुलाया था और नियम के मुताबिक पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
पुलिस के मुताबिक बाद में रेप की बात सामने आई, लेकिन शिकायत में यह तक साफ नहीं था कि छात्रा कौन है, किस हॉस्टल में रहती है और आरोपी कौन है। एसपी ने कहा कि अगर किसी छात्रा के साथ ऐसा हुआ है तो उसकी पहचान और घटना की जानकारी पुलिस को दी जाए। इसके बाद मेडिकल जांच समेत पूरी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों का दावा- रेप के बाद छात्रा ने जान दी, लेकिन पुष्टि नहीं
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तरफ से एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया। दावा किया गया कि वीडियो उसी छात्रा का है, जिसके साथ रेप हुआ। छात्रों का आरोप है कि छात्रा ने हॉस्टल वार्डन और यूनिवर्सिटी प्रबंधन को शिकायत दी थी, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई और उसे घर भेज दिया गया।
छात्रों के मुताबिक दो दिन बाद वह वापस हॉस्टल आई और उसी रात छत से कूदकर जान दे दी। हालांकि उपलब्ध स्रोत इन दावों या वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यही वजह है कि इस हिस्से को फिलहाल आरोप और दावा ही माना जाना चाहिए।
LPU ने कहा- अफवाह फैलाई जा रही है, जांच में पूरा सहयोग देंगे
यूनिवर्सिटी ने इन आरोपों को खारिज किया है। स्टूडेंट वेलफेयर विंग के एग्जीक्यूटिव डीन डॉ. सौरभ लखनपाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर झूठी और मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही हैं। उनके मुताबिक इससे कैंपस का माहौल खराब हो रहा है और यूनिवर्सिटी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों जिस लड़की का जिक्र कर रहे हैं, उसकी पहचान अभी सामने नहीं आई है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर या परिवार की जानकारी तक उपलब्ध नहीं है। इसलिए संस्थान ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रही बातों के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
FIR दर्ज, पांच छात्रों वाली SIT करेगी जांच
हंगामा बढ़ने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने का फैसला किया। डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि फिलहाल अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है, क्योंकि शिकायत में पीड़िता की पहचान साफ नहीं है।
LPU के वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह संधू ने कहा कि पुलिस ने छात्रों के आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है और यूनिवर्सिटी जांच में पूरा सहयोग करेगी। जांच के लिए बनाई गई एसआईटी में पांच छात्रों को भी शामिल किया गया है। उनका कहना था कि अगर जांच में घटना सही पाई जाती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।
अब असली सवाल क्या हैं? जांच से ही खुलेगी पूरी कहानी
इस पूरे मामले में फिलहाल तीन अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। छात्रों का दावा है कि एक छात्रा के साथ रेप हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआत में कहा कि उसे रेप की स्पष्ट शिकायत नहीं मिली थी। वहीं यूनिवर्सिटी ने पूरे मामले को अफवाह बताया है।
अब एफआईआर और एसआईटी जांच के बाद यह पता लगाना अहम होगा कि क्या वास्तव में किसी छात्रा ने रेप की शिकायत की थी, घटना कब और कहां हुई, कथित पीड़िता कौन है और उसकी मौत की परिस्थितियां क्या थीं। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की वास्तविकता भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
फिलहाल इतना तय है कि एक कथित रेप की खबर ने LPU के कैंपस में भारी तनाव पैदा कर दिया। प्रदर्शन से मामला हाईवे तक पहुंचा और पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। अब छात्रों की शिकायत, पुलिस की जांच और एसआईटी की रिपोर्ट से ही इस पूरे विवाद की असली तस्वीर सामने आएगी।