Mahadev Book GST Notice: छत्तीसगढ़ के महादेव बुक ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग सिंडिकेट के खिलाफ DGGI रायपुर जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। 40 हजार 603 करोड़ का GST नोटिस सौरभ चंद्राकर समेत 97 लोगों को भेजा गया है।

40 हजार 603 करोड़ के GST की मांग

DGGI की जांच में खुलासा हुआ कि 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2024 के बीच करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये का टैक्सेबल कारोबार हुआ था। इस कारोबार पर 40 हजार 603 करोड़ रुपये से ज्यादा GST देने की मांग की गई है। नोटिस के जरिये 97 लोगों से टैक्स और इस मामले से जुड़े दूसरे मुद्दों पर जवाब मांगा गया है।

रोज करीब 99 करोड़ का लेन-देन

जांच में महादेव बुक से जुड़े करीब 2 हजार पैनलों का नेटवर्क सामने आया है। पैनल ऑपरेटरों ने बताया कि एक पैनल के जरिये रोजाना औसतन 5 से 10 लाख रुपये जमा किए जाते थे। जांच एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, सभी पैनलों को मिलाकर हर दिन करीब 99 करोड़ रुपये का लेन-देन होता था।

कई वेबसाइट और प्लेटफॉर्म के जरिये सट्टेबाजी का नेटवर्क

DGGI की जांच के अनुसार महादेव बुक का नेटवर्क सिर्फ एक वेबसाइट या ऐप तक सीमित नहीं था। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेटिंग का पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था। जांच में क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस सहित कई खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में gold365.com, laser247.com, 11xplay.com, betbook247.com, silverexch.com और Skyexchange समेत कई प्लेटफॉर्म के नाम सामने आए हैं।

पैसे जमा करने के बाद मिलते थे बेटिंग पॉइंट

जांच में पता चला कि खिलाड़ी पहले WhatsApp नंबरों के जरिए संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग पैनल से जोड़ा जाता था। खिलाड़ियों के बैंक खाते में पैसे जमा करने के बाद उन्हें उतनी रकम के हिसाब से बेटिंग क्रेडिट या पॉइंट दिए जाते थे। जांच एजेंसी को इस पूरे नेटवर्क में थर्ड पार्टी, बेनामी और म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल के भी सबूत मिले हैं।

1.45 लाख करोड़ रुपए का टैक्सेबल कारोबार

DGGI ने बैंक खातों में हुए लेन-देन, दस्तावेजों, पैनल नेटवर्क और संबंधित लोगों के बयानों की जांच के आधार पर करीब 1,45,010.77 करोड़ रुपए की टैक्सेबल वैल्यू तय की है। जांच के मुताबिक, 30 सितंबर 2023 तक की अवधि के लिए करीब 35,517.22 करोड़ रुपए और 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 के बीच करीब 5,085.80 करोड़ रुपए IGST की मांग प्रस्तावित की गई है। DGGI का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम का कारोबार होने के बावजूद संबंधित गतिविधियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया। साथ ही, GST रिटर्न भी दाखिल नहीं किए गए।

97 लोगों को जारी हुआ नोटिस

DGGI ने दोनों शो-कॉज नोटिस के जरिए 66 और 31 लोगों को अलग-अलग नोटिस भेजे हैं। कुछ लोगों के नाम दोनों नोटिस में होने के कारण कुल 97 अलग-अलग लोगों को नोटिस जारी किया गया है। जांच एजेंसी ने सौरभ चंद्राकर को महादेव बुक का संस्थापक, मालिक और मुख्य प्रमोटर बताया है। वहीं रवि उप्पल को उसका प्रमुख सहयोगी और सह-प्रमोटर बताया गया है।

Gameskraft फैसले के बाद कार्रवाई को मिला कानूनी आधार

ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े GST मामलों में सुप्रीम कोर्ट के Gameskraft फैसले के बाद विभाग को कार्रवाई के लिए मजबूत कानूनी आधार मिला। इसके बाद पुराने ऑनलाइन बेटिंग लेन-देन और उनसे जुड़े टैक्स की जांच भी आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान कुछ लोगों के बयानों में सामने आया कि पैनलों से होने वाले मुनाफे का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा हेड ऑफिस तक पहुंचता था। करीब 2 हजार पैनलों के नेटवर्क, रोजाना करोड़ों रुपए के लेन-देन और 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रस्तावित GST मांग के चलते यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर की बड़ी टैक्स कार्रवाई मानी जा रही है।