Time Updated: Monday, September 14, 2026, 20:48 [IST]

Masood Azhar Case Timeline: जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर ऐसा कदम उठाया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने 2026 की अपनी मोस्टवांटेड आतंकियों की Red Book में मसूद अजहर का नाम शामिल किया है। उसकी गिरफ्तारी या उसके बारे में जानकारी देने वाले के लिए इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया गया है।

खास बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अक्टूबर में Financial Action Task Force (FATF) की प्लेनरी बैठक होनी है। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान पर आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय निगरानी बनी हुई है। ऐसे में अजहर का नाम मोस्टवांटेड सूची में डालना और इनाम बढ़ाना पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। तो सवाल है- मसूद अजहर कौन है? भारत को उसकी तलाश कब से है? और पठानकोट-पुलवामा से उसका क्या कनेक्शन है?

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पाकिस्तान ने अचानक मसूद अजहर पर इनाम क्यों बढ़ाया?

FIA की नई Red Book में मसूद अजहर को भगोड़े व मोस्टवांटेड आतंकियों में शामिल किया गया है। उसके बारे में सूचना देने पर मिलने वाला इनाम 20 लाख रुपये बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये किया गया है। 2021 में FIA ने उसके बारे में जानकारी देने पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा की थी।

इस कदम की टाइमिंग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्टूबर में FATF की प्लेनरी बैठक होनी है। भारतीय सूत्रों ने इस कार्रवाई को पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच अपनी कार्रवाई दिखाने की कोशिश बताया है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इसे लेकर अलग आधिकारिक मंशा सामने आना बाकी है।

मसूद अजहर की तलाश कब से है?

मसूद अजहर का नाम भारत में लंबे समय से आतंकवाद से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। 1999 में IC-814 विमान अपहरण के बाद यात्रियों की रिहाई के बदले भारत सरकार ने उसे जेल से रिहा किया था। इसके बाद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद को खड़ा किया। यह संगठन बाद में भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा। मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने भी वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है और वह भारत की वांछित आतंकियों की सूची में शामिल है।

पठानकोट हमले से क्या कनेक्शन है?

2 जनवरी 2016 को पंजाब के पठानकोट स्थित एयरबेस पर आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले की जांच में जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया था। भारत ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार बताया और मसूद अजहर को इसके साजिशकर्ताओं में प्रमुख माना। यही वजह है कि पठानकोट हमला मसूद अजहर के खिलाफ भारत के प्रमुख मामलों में शामिल है।

पुलवामा हमले में भी आया नाम

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले में 40 CRPF जवानों की मौत हुई थी। भारत ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराया था। मसूद अजहर, जैश प्रमुख होने के कारण इस हमले की साजिश से जुड़े प्रमुख नामों में रहा है। इसके अलावा उसका नाम भारत में 2001 के संसद हमले और 2008 के मुंबई हमलों से जुड़े आतंकी नेटवर्क के संदर्भ में भी सामने आता रहा है।

26/11 से जुड़ी नई Red Book में क्या है?

FIA की अपडेटेड Red Book में 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इनमें ऐसे लोग बताए गए हैं, जिन्होंने हमलावरों को वित्तीय सहायता, लॉजिस्टिक सपोर्ट या समुद्री रास्ते से मुंबई पहुंचने में मदद की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, सूची में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 11 ऐसे लोगों के नाम हैं, जिन्होंने हमलावरों की समुद्री यात्रा के लिए इस्तेमाल की गई नौकाओं की व्यवस्था में मदद की थी। इसके अलावा छह लोगों के नाम कथित तौर पर हमले के लिए आर्थिक मदद देने वालों के रूप में शामिल हैं।

पाकिस्तान पहले क्या कहता रहा है?

मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान का रुख लंबे समय से सवालों में रहा है। पाकिस्तान 2021 से दावा करता रहा है कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है और वह अफगानिस्तान चला गया है। इसी साल FIA ने उसके बारे में सूचना देने पर इनाम की घोषणा की थी। अब पांच साल बाद इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया गया है। हालिया रिपोर्टों में भारतीय सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अजहर के पाकिस्तान में होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, उसके मौजूदा ठिकाने की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।

पाकिस्तान की कार्रवाई पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?

सबसे बड़ा सवाल टाइमिंग को लेकर है। अक्टूबर में FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान की FIA ने अजहर को मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया और इनाम बढ़ा दिया। भारत से जुड़े सूत्रों ने इसे पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कार्रवाई दिखाने की कोशिश बताया है। दूसरी ओर, FIA की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026 की Red Book को मोस्ट वांटेड हाई-प्रोफाइल आतंकियों की सूची के तौर पर दिखाया गया है।

यानी फिलहाल दो बातें साफ हैं कि पाकिस्तान की सूची में मसूद अजहर का नाम है और उस पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया गया है। लेकिन क्या इसके बाद पाकिस्तान वास्तव में उसे गिरफ्तार करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई करता है, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

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