Sep 10, 2026 03:38 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

यूपी नीट यूजी राउंड 1 एमबीबीएस कटऑफ 2026 जारी कर दी गई है। केजीएमयू समेत सरकारी और निजी कॉलेजों की कैटेगरी-वार ओपनिंग-क्लोजिंग रैंक upneet.gov.in पर देख सकते हैं।

यूपी नीट काउंसलिंग 2026
लाखों उम्मीदों के बीच आखिरकार वो घड़ी आ ही गई जिसका इंतजार उत्तर प्रदेश के हजारों नीट अभ्यर्थी बेसब्री से कर रहे थे। मेडिकल शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीएमई), उत्तर प्रदेश ने यूपी नीट यूजी 2026 राउंड 1 एमबीबीएस कटऑफ जारी कर दिया है और साथ ही पहले राउंड की सीट आवंटन जानकारी भी सामने आ गई है। जिन बच्चों ने रात-दिन एक करके नीट की तैयारी की थी अब उनकी नजरें सीधे इस बात पर टिकी हैं कि आखिर उनका रैंक किस कॉलेज तक पहुंच पाया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इस बार राउंड 1 का सीट आवंटन परिणाम 7 सितंबर 2026 को घोषित किया गया और अब उम्मीदवार यूपी नीट काउंसलिंग पोर्टल के जरिए कॉलेज-वार, कैटेगरी-वार ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक चेक कर सकते हैं। यह कटऑफ हर संस्थान, हर कैटेगरी, हर कोटे और सीटों की उपलब्धता के हिसाब से अलग-अलग है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जबरदस्त मारामारी
जैसी उम्मीद थी इस बार भी वैसा ही हुआ। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इस बार भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में जनरल कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक 3001 पर पहुंची, जबकि डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में यह आंकड़ा 4857 रहा। कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की बात करें तो वहां जनरल कैटेगरी 6517 रैंक तक बंद हुई। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में क्लोजिंग रैंक 8210 मेरठ के लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में 8802 प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 8473 और आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में यह 10558 तक गई। वहीं सैफई स्थित उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में 12940, आजमगढ़ गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में 14906 और बांदा में यह आंकड़ा 16429 तक पहुंच गया। सहारनपुर और कन्नौज के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में क्रमशः 13560 और 13901 पर क्लोजिंग रैंक दर्ज हुई।
प्राइवेट कॉलेजों की तस्वीर बिल्कुल अलग
अब बात करें निजी मेडिकल कॉलेजों की, तो यहां का हिसाब-किताब पूरी तरह जुदा है। वाराणसी के हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में जनरल कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक 382171 रही, तो बाराबंकी के हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में यह 259752 तक गई। लखनऊ के इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में तो क्लोजिंग रैंक 655420 जैसे बड़े आंकड़े तक जा पहुंची, जबकि मथुरा के कृष्णा मोहन मेडिकल कॉलेज में यह 496591 रही। अन्य निजी कॉलेजों में भी हलचल कम नहीं रही बरेली के राजश्री मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट में 685722, लखनऊ के टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज में 631696, और मुरादाबाद-मेरठ बेल्ट के मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में 354270 तक सीटें भरी गईं। साफ है कि सरकारी और निजी कॉलेजों की रैंक में जमीन-आसमान का फर्क है और इसीलिए हर उम्मीदवार को अपने विशेष कॉलेज, कैटेगरी और कोटे के हिसाब से ही कटऑफ जांचनी चाहिए।
क्लोजिंग रैंक का मतलब क्या होता है?
बहुत से छात्र इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि क्लोजिंग रैंक असल में दर्शाती क्या है। दरअसल, यह उस आखिरी उम्मीदवार की रैंक होती है, जिसे किसी खास कॉलेज, कोर्स, कैटेगरी, कोटे और राउंड में सीट आवंटित की गई। इसका मतलब यह कतई नहीं कि यह कोई सार्वभौमिक योग्यता रैंक है, जो हर कॉलेज पर लागू होती हो। यहां तक कि एनटीए द्वारा घोषित नीट यूजी क्वालिफाइंग कटऑफ और यूपी काउंसलिंग की यह एडमिशन कटऑफ भी दो बिल्कुल अलग चीजें हैं, दोनों को एक समझने की भूल कई अभ्यर्थियों को महंगी पड़ जाती है।
कैसे चेक करें कटऑफ?
अगर आप भी अपना रैंक और कॉलेज मिलान करना चाहते हैं, तो सबसे पहले upneet.gov.in पर जाएं, वहां यूपी नीट यूजी 2026 काउंसलिंग सेक्शन खोलें, फिर 'एलॉटेड कैंडिडेट लिस्ट' या 'एलॉटेड एंड वेकेंट सीट्स' सेक्शन में जाकर राउंड 1 की संबंधित जानकारी चुनें और अपने इंस्टीट्यूट व कैटेगरी के हिसाब से ओपनिंग-क्लोजिंग रैंक जांच लें। राउंड 1 के बाद अब सबकी निगाहें राउंड 2 पर टिकी हैं। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, सीट मैट्रिक्स, चॉइस फिलिंग, चॉइस लॉकिंग, सीट आवंटन और वेकेंट सीटों से जुड़ी नई जानकारी जल्द अपडेट होने की उम्मीद है। जानकारों की मानें तो यह कटऑफ सिर्फ एक ट्रेंड इंडिकेटर के तौर पर देखी जानी चाहिए, न कि अगले राउंड में एडमिशन की गारंटी के रूप में इसलिए छात्रों को सतर्क रहते हुए अपने विकल्प सोच-समझकर भरने चाहिए।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwari
शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव
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