एमडीडीए की 114वीं बोर्ड बैठक में देहरादून और मसूरी के नियोजित विकास के लिए 25 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में लैण्ड पूलिंग और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

देहरादून, 5 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

MDDA Board Meeting : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 114वीं बोर्ड बैठक बुधवार को संपन्न हो गई है। गढ़वाल आयुक्त और प्राधिकरण अध्यक्ष आनन्द स्वरूप ने इस अहम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के पटल पर देहरादून शहर और आसपास के क्षेत्रों के विकास से जुड़े कई ड्राफ्ट रखे गए।

बोर्ड ने शहर के सुनियोजित विकास के मकसद से तैयार किए गए करीब 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लंबी चर्चा की। सभी तकनीकी पहलुओं को परखने के बाद इन 25 प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृति दे दी गई है। देहरादून और मसूरी क्षेत्र में लंबे समय से अटके कई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को इस फैसले से सीधी रफ्तार मिलेगी।

मंजूर किए गए प्रस्तावों में लैण्ड पूलिंग योजना सबसे प्रमुख है। पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए नए होटल और औद्योगिक भवनों के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया गया है। शहर के भीतर रिटेल आउटलेट, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम, हॉस्टल और रेस्टोरेंट निर्माण जैसी परियोजनाओं को भी बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है।

बैठक के शुरुआती चरण में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने गढ़वाल आयुक्त एवं सभी बोर्ड सदस्यों का औपचारिक स्वागत किया। कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए सबसे पहले 113वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या सदस्यों के सामने प्रस्तुत की गई। पिछली बैठक के एजेंडे और कार्यों की प्रगति को देखने के बाद बोर्ड ने उसे पूरी तरह से अनुमोदित कर दिया।

इसके तुरंत बाद 114वीं बैठक के नए एजेंडे पर काम शुरू हुआ। विकासनगर क्षेत्र के कल्याणपुर परगना पछवादून का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। एमडीडीए ने यहां लैण्ड पूलिंग योजना के तहत जो भूमि खरीदी थी, उसके प्रथम चरण के लिए तैयार तलपट का भू-उपयोग निःशुल्क परिवर्तित किए जाने का प्रस्ताव पटल पर रखा गया।

बोर्ड सदस्यों ने इस भू-उपयोग परिवर्तन के तकनीकी और कानूनी पहलुओं की समीक्षा की। सहमति बनने के बाद बोर्ड ने इसे नियमानुसार आगे बढ़ाने की स्पष्ट अनुमति दे दी है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई अन्य वाणिज्यिक प्रस्तावों पर भी अधिकारियों ने गहन मंथन किया।

होटल और पर्यटन इकाई से संबंधित फाइलों को नियमों के अनुरूप धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं। एमडीडीए का मानना है कि रिटेल आउटलेट और प्रोफेशनल ऑफिस जैसी परियोजनाओं का निर्माण शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बाहरी निवेश भी शहर की ओर आकर्षित होगा।

तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में बेतरतीब निर्माण को रोकना प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य बन गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी प्रस्तावों की बारीकी से तकनीकी और नियामकीय समीक्षा की गई है। विकास कार्यों में किसी भी तरह की विसंगति से बचने के लिए निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इन फैसलों को भविष्य के लिए निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में लिए गए सभी निर्णय देहरादून और मसूरी क्षेत्र के संतुलित और नियोजित विकास की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम हैं। लैण्ड पूलिंग जैसी योजनाओं के विस्तार से शहर का बुनियादी ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।

तिवारी ने विकास परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने का भरोसा दिलाया। प्राधिकरण के कामकाज में पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध कार्य संस्कृति लागू करने पर उनका जोर रहा। आम जनता को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना ही उनका अंतिम लक्ष्य है।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने प्रशासनिक कार्यवाही को लेकर अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड से स्वीकृत हो चुके सभी 25 प्रस्तावों पर अब फाइलों में देरी नहीं होगी। नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

बर्निया ने आश्वासन दिया कि प्रत्येक नई परियोजना की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ ही आगे बढ़ाया जाएगा। किसी भी स्तर पर मानकों से कोई समझौता नहीं होगा।

बुधवार को हुई इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संयुक्त सचिव वित्त के नामित प्रतिनिधि विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी (एफआर) के नामित प्रतिनिधि कृष्ण कुमार मिश्र और उप नगर आयुक्त के नामित प्रतिनिधि तनवीर सिंह ने चर्चा में हिस्सा लिया।

उत्तराखण्ड के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक एस.एम. श्रीवास्तव और पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता सौरभ शर्मा भी इस 114वीं बैठक का हिस्सा बने। एमडीडीए की तरफ से संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार सिंह, अधिशासी अभियन्ता शांति सिंह रावत और सुनील कुमार उपस्थित रहे। बैठक के अंत में अध्यक्ष आनन्द स्वरूप ने सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया और कार्यवाही समाप्ति की आधिकारिक घोषणा कर दी।