
दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान कथित देरी के बाद 16 साल की तनवी की मौत का मामला सामने आया है। बच्ची के पिता मुकेश परियानी ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिए पहली बार 10 अक्टूबर 2012 को एम्स की ओपीडी पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग कमरों और डॉक्टरों के पास भेजा गया। शुरुआती जांच और टेस्ट की प्रक्रिया में करीब एक साल लग गया।
ऑपरेशन की तारीख मिली
मुकेश के मुताबिक, बाद में उन्हें डॉ. सचिन तलवार के पास भेजा गया। डॉक्टर ने कुछ जरूरी टेस्ट कराने के साथ खून और पैसे जमा करने को कहा और ऑपरेशन का भरोसा दिया। परिवार ने 4 अप्रैल 2014 को खून और पैसे जमा कर दिए। इसके बाद ऑपरेशन के लिए तारीख भी दी गई। लेकिन 2 सितंबर 2015 को अस्पताल पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि ऑपरेशन दिवाली के बाद किया जाएगा। इसके बाद परिवार लगातार अस्पताल के चक्कर लगाता रहा, लेकिन ऑपरेशन की तारीख आगे बढ़ती रही।
शिकायत के बाद विवाद
पिता का आरोप है कि कई बार टालमटोल के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अस्पताल से फोन कर सर्जरी के लिए बुलाया गया। हालांकि, मुकेश का दावा है कि डॉ. सचिन तलवार ने बाद में ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया और शिकायत वापस लेने की बात कही। परिवार के मुताबिक इसके बाद भी उन्हें कई बार अलग-अलग तारीखों पर बुलाया गया, लेकिन सर्जरी नहीं हुई। 2018 में जरूरी टेस्ट भी कराए गए, मगर बीमारी और आगे के इलाज को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
सालों तक नहीं हुई सर्जरी
मुकेश ने बताया कि वह 2023 में दोबारा अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब भी ऑपरेशन से इनकार कर दिया गया। 2025 में परिवार ने फिर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्हें 28 जुलाई 2025 को अस्पताल बुलाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टर के छुट्टी पर होने की बात कही गई। परिवार का आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि बच्ची सिर्फ दवा से ठीक हो जाएगी और उसे कोई गंभीर परेशानी नहीं है। इसके बाद भी इलाज के नाम पर टेस्ट होते रहे, लेकिन ऑपरेशन नहीं किया गया।
पिता ने मांगा न्याय
मुकेश का कहना है कि उन्होंने 9 फरवरी 2026 को फोन के जरिए फिर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि लगातार जांच और इंतजार के बीच उनकी बेटी की मंगलवार को मौत हो गई। पिता ने सवाल उठाया कि अगर ऑपरेशन 2015, 2016 या 2017 में किया जा सकता था और बच्ची ठीक हो सकती थी, तो इतने साल तक सर्जरी क्यों नहीं की गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मां बोलीं बेटी खो दी
बेटी की मौत के बाद उसकी मां भाविका परियानी भी बेहद गमगीन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी दिल की मरीज थी और कई वर्षों से एम्स के चक्कर लगाने के बावजूद उसकी सर्जरी नहीं की गई। भाविका ने कहा कि डॉक्टर लगातार इलाज और ऑपरेशन को टालते रहे, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी बेटी को खो दिया। उन्होंने सरकार से मामले की जांच कराने और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है। हालांकि, इन आरोपों पर अस्पताल या संबंधित डॉक्टरों का पक्ष इस जानकारी में सामने नहीं आया है।
Kirtika Tyagi
Kirtika Tyagi is a journalist. she is working on sub-editor post and she is expert in International, National, Health, Crime, Lifestyle, Astro beat.