सिरसा जिले के कालांवाली हलके में अस्थायी कोर्ट को लेकर चल रही कंट्रोवर्सी के बीच स्थानीय विधायक शीशपाल कहरवाला ने बार एसोसिएशन और नगर पालिका चेयरमैन के साथ आज सोमवार को मीटिंग बुलाई और जगह को लेकर चर्चा की। कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला ने मीडिया क
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नगर पालिका की ओर से भी प्रशासन को मांग पत्र भेजा गया था, उसमें एक जगह का जिक्र नहीं था। सभी जगहों का नाम दिया गया था, ताकि उनमें से कोई जगह तय हो सके। उनकी सिर्फ ये मांग है कि ये अस्थायी कोर्ट कालांवाली शहर से बाहर न बनाई जाए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। इस पर बार एसोसिएशन ने भी सहमति जताई है।
विधायक शीशपाल कहरवाला ने बताया कि इसके लिए वे तुरंत समाधान के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिलेंगे और इस स्थायी निर्माण कार्य को शुरू करवाने की कोशिश करेंगें। उनका सबका एकमत है कि पहले अस्थायी और उसके बाद स्थायी कोर्ट कॉम्प्लेक्स का स्थान कालांवाली नगर पालिका के अंदर ही निर्धारित किया जाना चाहिए।

कालांवाली में बार एसोसिएशन और वकीलों के साथ कोर्ट पर चर्चा करते हुए विधायक शीशपाल।
डीसी से मिलकर आए थे चेयरमैन
कालांवाली में जुडिसियल कॉम्प्लेक्स के अस्थायी एवं स्थायी निर्माण के स्थान निर्धारण के विषय में नगर पालिका चेयरमैन महेश झोरड़ ने भी प्रशासन के समक्ष मांग रखी थी। इसके लिए वे पार्षदों सहित डीसी से मिलकर आए थे। अब कालांवाली बार काउंसिल के सदस्यों की राय लेकर सहमति ले ली है।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मिलते हुए भाजपा नेता टिशू प्रधान। (फाइल)
भाजपा नेताओं ने उठाए थे सवाल
मामले में भाजपा नेता टिशू प्रधान ने कांग्रेस नेताओं व चेयरमैन पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि कांग्रेस शमशान घाट में बने शांति भवन में अस्थायी कोर्ट बनवाना चाह रही है। इसे धार्मिक भावना के साथ खिलवाड़ बताया था। इसके विरोध में बीजेपी है। यह शांति भवन जरूरतमंद लोगों के लिए हैं।
बीजेपी नेता टिशू उर्फ सुनील प्रधान का कहना था कि श्मशान भूमि के अलावा शहर में कालांवाली में ओढा रोड पर कम्यूनिटी हॉल के पास अस्थायी कोर्ट बन सकती है और अस्पताल के पास और अन्य जगह भी हैं, जहां पर अस्थायी कोर्ट बन सकती है। इस मामले में पंजाब दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल से भी मुलाकात की है और उन्होंने पूरा आश्वासन दिया है और विकास कार्यों को लेकर दिल्ली बुलाया है।