Fri, 31 Jul 2026 10:58 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shruti Gaur Updated Fri, 31 Jul 2026 10:58 AM IST
सार
Essential Baby Care Tips For Monsoon Season: अगर आपके घर में भी एक नवजात है तो बारिश के मौसम में आपको खास ध्यान रखने की जरूरत है। यहां हम आपको बताएंगे कि नवजात बच्ची का ध्यान आपको कैसे रखना है।
Essential Baby Care Tips For Monsoon Season: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह संक्रमण, बैक्टीरिया और वायरस के फैलने का खतरा भी बढ़ा देता है। ऐसे में सबसे ज्यादा सावधानी नवजात शिशुओं की देखभाल को लेकर बरतनी चाहिए, क्योंकि जन्म के शुरुआती महीनों में उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) पूरी तरह विकसित नहीं होती। थोड़ी-सी लापरवाही भी सर्दी, जुकाम, बुखार, त्वचा संबंधी संक्रमण या पेट की समस्याओं का कारण बन सकती है।
यदि आपके घर में भी नवजात शिशु है, तो कुछ आसान लेकिन जरूरी सावधानियां अपनाकर आप उसे बारिश के मौसम में होने वाली बीमारियों से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते हैं मानसून में नवजात की देखभाल से जुड़े जरूरी टिप्स।
बारिश के मौसम में कैसे रखें नवजात की सेहत का ध्यान? - फोटो : AI
स्तनपान जारी रखें
नवजात शिशु के लिए मां का दूध सबसे बेहतर आहार होता है। बारिश के मौसम में जब संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, तब स्तनपान बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है। मां के दूध में मौजूद एंटीबॉडी बच्चे को कई तरह के संक्रमणों से बचाने में सहायक होती हैं। डॉक्टरों के अनुसार शुरुआती छह महीनों तक केवल स्तनपान बच्चे के लिए बेहद जरूरी है।
साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
मानसून में नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से बढ़ सकते हैं। बच्चे को गोद लेने, खिलाने या छूने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। बच्चे के खिलौने, बेडशीट और आसपास की जगह को भी नियमित रूप से साफ रखें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो।
बारिश के मौसम में कैसे रखें नवजात की सेहत का ध्यान? - फोटो : AI
कपड़े सूखे और सूती पहनाएं
बारिश के मौसम में कपड़ों में नमी बनी रह सकती है, जिससे नवजात की नाजुक त्वचा पर रैशेज, खुजली और फंगल इंफेक्शन हो सकता है। बच्चे को हमेशा साफ, सूखे और मुलायम सूती कपड़े पहनाएं। गीले कपड़े तुरंत बदल दें और कपड़ों को अच्छी तरह सुखाकर ही इस्तेमाल करें।
कमरे का तापमान संतुलित रखें
मानसून में कभी ठंड तो कभी ज्यादा उमस हो सकती है। नवजात को बहुत ठंडे या ज्यादा गर्म वातावरण में रखने से बचें। कमरे में हवा का सही वेंटिलेशन होना चाहिए। एसी या कूलर का इस्तेमाल करते समय तापमान बहुत कम न रखें और बच्चे को सीधे हवा के संपर्क में न रखें।
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बारिश के मौसम में कैसे रखें नवजात की सेहत का ध्यान? - फोटो : AI
मच्छरों से बचाव करें
बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। नवजात को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें और साफ-सफाई बनाए रखें।
त्वचा को सूखा रखें
नवजात की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है। डायपर ज्यादा समय तक गीला रहने से रैशेज हो सकते हैं। बच्चे का डायपर समय-समय पर बदलें और हर बार त्वचा को साफ करके सुखाएं। नहाने के बाद भी बच्चे के शरीर को अच्छी तरह सुखाना जरूरी है, खासकर त्वचा की सिलवटों को।
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बारिश के मौसम में कैसे रखें नवजात की सेहत का ध्यान? - फोटो : AI
सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करें
बारिश के मौसम में पानी दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। नवजात के लिए इस्तेमाल होने वाला पानी साफ और सुरक्षित होना चाहिए। छह महीने से छोटे बच्चे को आमतौर पर अलग से पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन किसी भी स्थिति में पानी देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
बीमार लोगों से बच्चे को दूर रखें
नवजात की इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए सर्दी-जुकाम, खांसी या वायरल संक्रमण से पीड़ित लोगों को बच्चे के संपर्क में आने से बचना चाहिए। घर में कोई व्यक्ति बीमार हो तो मास्क और हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।