देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से आक्रामक हो चुका है, जिसके चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर हिमालयी क्षेत्रों और पश्चिमी तटों पर कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का महा-अलर्ट जारी किया है। इस मानसूनी स्पेल के कारण देश के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ (Flash Floods), गंभीर जलभराव (Waterlogging) और पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslides) का खतरा काफी बढ़ गया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अगले कुछ दिन यातायात, सुरक्षा और आम जनजीवन के लिहाज से बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।
दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में जलभराव, WFH की सलाह
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद व गुरुग्राम में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरसी है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर की मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम प्रशासन और पुलिस ने कॉर्पोरेट कार्यालयों व निजी प्रतिष्ठानों को सलाह दी है कि वे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की अनुमति दें। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान और बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी रखा है।
मुंबई में बारिश का रिकॉर्ड टूटा, फ्लैश फ्लड का खतरा
महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भी कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आईएमडी (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, सावन के इस महीने में सांताक्रूज वेधशाला ने शुरुआती सात दिनों में ही 1,000 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज कर ली है, जो पिछले पूरे साल के जुलाई महीने के कुल आंकड़े से भी ज्यादा है। मुंबई के निचले इलाकों में लोकल ट्रेन सेवाएं और विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के तटीय भागों में फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) का हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों को तटीय क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
कश्मीर और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से हाईवे ठप
उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ के कारण क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Kwar Hydroelectric Project) की भारी मशीनरी मलबे में दब गई है, और कई मुख्य राजमार्ग भूस्खलन के कारण पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं। पहाड़ों पर लगातार गिरते मलबे और पत्थरों की वजह से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों, झरनों और भूस्खलन संभावित रास्तों पर न जाने की कड़ी चेतावनी दी है। केरल और कर्नाटक में भी भारी बारिश के बाद एनडीआरएफ (NDRF) और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।