
एमपी में 1.5 लाख शिक्षक नॉन TET
मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए आयोजित होने जा रहे टीचर एलिजबिलिटी टेस्ट (TET) से राज्य के शिक्षकों ने दूरी बना ली है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश के 1.5 लाख नॉन TET पास शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडराया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद भी मध्य प्रदेश के नॉन TET पास शिक्षक TET 2026 के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं. मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की तरफ से TET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया खत्म हो गई है, लेकिन 1.5 लाख नॉन TET पास शिक्षकों में से TET 2026 के लिए 12 हजार आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जिसे देखते हुए ESB ने आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है. TET 2026 से नॉन TET पास शिक्षकों की दूरी कई सवाल छोड़ रही है.
आइए, इसी कड़ी में जानते हैं कि आखिर कौन से शिक्षक नाॅन TET हैं. जानते हैं कि ESB TET 2026 शेड्यूल क्या है. इसके साथ ही जानते हैं कि नौकरी पर संकट होने के बावजूद भी आखिर प्रभावित शिक्षक क्यों TET 2026 के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं.
शिक्षकों को क्या करना है TET पास?
असल में नवंबर 2025 के एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के सभी शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया था. इसी कड़ी में देशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 20 लाख से अधिक शिक्षकों को अनिवार्य रूप से TET पास करना है. ये सभी शिक्षक 2011 से पहले सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं. असल में केंद्र सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में शिक्षक नियुक्ति के लिए TET को अनिवार्य कर दिया था. कई राज्यों में उसके बाद के सालों में ये नियम लागू किए, जिसके तहत 2009 के बाद हुई शिक्षक भर्तियों में TET पास शिक्षकों को ही नियुक्ति दी गई, लेकिन 2009 से पहले भर्ती हुए कई नाॅन TET शिक्षक सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं.
TET आवेदन की 4 सितंबर थी अंतिम तारीख, अब 18 तक बढ़ाई गई
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर टीचर एलिजबिलिटी टेस्ट (TET) के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे. ये TET मुख्य रूप से शिक्षकों के लिए आयोजित किया जा रहा है. MP ESB ने TGT के लिए 21 अगस्त से आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसके तहत आवेदन करने की अंतिम तारीख 4 सितंबर निर्धारित की गई थी. 4 सितंबर तक सिर्फ 12 हजार आवेदन आने के बाद आवदेन करने की अंतिम तारीख 18 सितंबर तक बढ़ा दी गई है. ESB की तरफ से जारी शेड्यूल के अनुसार शिक्षकों के लिए TET एग्जाम का आयोजन 12 अक्टूबर को किया जाना है.
1.5 लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट,TET के लिए सिर्फ 12 हजार आवेदन
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मध्य प्रदेश में 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडराया हुआ है. असल में मध्य प्रदेश में 1.5 लाख शिक्षक नॉन TET हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन 1.5 लाख शिक्षकों को साल 2028 तक TET पास करना है. ऐसा ना करने पर इन शिक्षकों की नौकरी तक जा सकती है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश ESB के लिए TET आयोजित करने का फैसला लिया था, जिसके लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख एक बार बीत चुकी है, लेकिन 1.5 लाख प्रभावित शिक्षकों में से TET 2026 के लिए 12 हजार शिक्षकों ने ही आवेदन किया है. हालांकि अब आवेदन करने की तारीख 18 सितंबर तक बढ़ा दी गई है.
नौकरी पर संकट… फिर भी TET के लिए आवेदन क्यों नहीं कर रहे शिक्षक?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एमपी के 1.5 लाख नाॅन TET शिक्षकों की नौकरी पर संकट है, लेकिन इसके बाद भी प्रभावित हो रहे नॉन TET शिक्षक ESB की तरफ से आयोजित TET के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं. आवेदन प्रक्रिया बीत चुकी है, लेकिन सिर्फ 12 आवेदन कई सवाल छोड़ रहा है. ऐसे में सभी जानना चाहते हैं कि आखिर वजह क्या है. आइए, वजह के बारे में सिलेसिलेवार ढ़ंग से जानते हैं.
एक हजार रुपये फीस का विरोध: ESB ने TET के लिए एक हजार रुपये प्रति पेपर फीस निर्धारित की है. मसलन, 1.5 लाख शिक्षकाें को TET के लिए 15 करोड़ रुपये फीस चुकानी होगी. मध्य प्रदेश के शिक्षक संगठन निर्धारित फीस को अधिक बता रहे हैं. शिक्षक संगठन फीस ना लेने की मांग कर रहे हैं.
अध्यादेश लाने की मांग: असल में देशभर के शिक्षक सुप्रीम कोर्ट के अनिवार्य TET के फैसले का विरोध कर रहे हैं. इस संबंध में 30 अगस्त को दिल्ली में शिक्षक प्रदर्शन कर चुके हैं. इस प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए थे. ये सभी शिक्षक सुप्रीम कोर्ट के अनिवार्य TET वाले आदेश को अध्यादेश लाकर खत्म करने की मांग कर रहे हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने TET से दूरी बनाई हुई है.

मनोज भट्ट
पत्रकारिता में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय. नवोदय टाइम्स, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान में लंबे समय तक फील्ड रिपोर्टिंग. कई मुद्दों व खबरों को लीड किया, जो चर्चा में रही. अभी तक पंचायत, कृषि, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, राजनीति, पर्यावरण, स्वास्थ्य, चुनाव, बिजनेस से जुड़े विषयों पर काम किया है और इनमें लेखन की दिलचस्पी है.
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