मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से ज्यादा के बिल का UPI भुगतान 16 अक्टूबर से बंद किया जा सकता है। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने MDR के अतिरिक्त खर्च का हवाला देते हुए बड़े UPI बिल पर कैश लेने का फैसला किया है।

MP Petrol Pump UPI Payment

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के फ्यूल बिल पर UPI भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है।

  • Published: 18 Sep 2026, 02:42 PM IST
  • Last Updated: 18 Sep 2026, 02:42 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने वाले ग्राहकों को जल्द कैश से भुगतान करना पड़ सकता है। मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के बिल पर UPI भुगतान नहीं लेने का निर्णय लिया है।

एसोसिएशन का कहना है कि नए Merchant Discount Rate (MDR) से पेट्रोल पंप संचालकों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार मध्य प्रदेश में करीब 4,700 पेट्रोल पंप हैं। उनका दावा है कि UPI से भुगतान लेने पर प्रत्येक पंप संचालक को हर महीने करीब ₹17,400 का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। एसोसिएशन का कहना है कि पहले से कम मार्जिन वाले कारोबार में यह अतिरिक्त लागत वहन करना मुश्किल है।

पेट्रोल पंपों के लिए ₹5 का फ्लैट MDR

केंद्र की नई UPI व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा Merchant UPI transactions पर MDR लागू होगा। सामान्य P2M लेन-देन पर MDR 0.4% है, जबकि पेट्रोलियम, रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और कुछ अन्य आवश्यक क्षेत्रों के लिए ₹2,000 से ज्यादा के लेन-देन पर ₹5 का फ्लैट MDR तय किया गया है।

इस ₹5 MDR पर 18% GST जोड़ने के बाद प्रति लेन-देन लागत ₹5.90 होती है। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन इसी अतिरिक्त लागत को लेकर विरोध जता रहा है।

एसोसिएशन का दावा- हर पंप पर रोज 100 से ज्यादा ट्रांजेक्शन

अजय सिंह के मुताबिक एक पेट्रोल पंप पर रोजाना औसतन करीब 100 ऐसे UPI ट्रांजेक्शन होते हैं, जिनकी राशि ₹2,000 से अधिक होती है। एसोसिएशन के हिसाब से ₹5 MDR और GST मिलाकर रोजाना करीब ₹590 का खर्च बैठता है। इसी आधार पर महीने में लगभग ₹17,400 का अतिरिक्त बोझ बताया गया है।

एसोसिएशन का दावा है कि 4,700 पेट्रोल पंपों को मिलाकर यह राशि करीब ₹8.17 करोड़ प्रति माह तक पहुंच सकती है। हालांकि यह आंकड़ा एसोसिएशन द्वारा बताए गए औसत ट्रांजेक्शन और लागत के आधार पर अनुमान है।

₹2,000 तक के UPI भुगतान पर चार्ज नहीं

नई व्यवस्था में ₹2,000 तक के Merchant UPI payments पर MDR नहीं लगेगा। वहीं Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान पर भी MDR लागू नहीं होगा। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR ग्राहक से वसूलने के लिए नहीं है।

पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से अधिक के भुगतान के मामले में ₹5 का फ्लैट MDR लागू होने की जानकारी उपलब्ध है। इसलिए ₹2,000 से ज्यादा का फ्यूल बिल UPI से चुकाने पर शुल्क की लागत ग्राहक से लेने के बजाय Merchant यानी पेट्रोल पंप पक्ष पर रहेगी।

डीलर्स बोले- कैश भुगतान का विकल्प रखेंगे

एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रघुवंशी का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों की सैलरी, बिजली बिल और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक कम मार्जिन वाले कारोबार में अतिरिक्त भुगतान का असर सीधे पंप संचालकों पर पड़ेगा।

एसोसिएशन का कहना है कि वह ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान की जगह ग्राहकों को कैश से भुगतान का विकल्प देगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़े फ्यूल बिलों का भुगतान करने वाले ग्राहकों को इस बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।

ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?

  • ₹2,000 तक UPI: MDR नहीं।
  • ₹2,000 से ज्यादा पेट्रोल/फ्यूल भुगतान: ₹5 फ्लैट MDR।
  • MDR पर 18% GST: कुल लागत ₹5.90 प्रति लेन-देन।
  • ग्राहक से MDR वसूलने का प्रावधान नहीं: शुल्क Merchant पक्ष पर है।
  • MP पेट्रोल पंप डीलर्स का फैसला: 16 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के बिल पर UPI नहीं लेने की घोषणा।