भोपाल4 घंटे पहले

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मध्य प्रदेश में बाल विवाह रोकने के तमाम प्रयासों के बावजूद कई जिलों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। सबसे चिंताजनक तस्वीर आगर मालवा की है, जहां 20 से 24 वर्ष की 49.4 फीसदी महिलाओं का विवाह 18 साल की उम्र से पहले हुआ है।

यानी जिले में इस आयु वर्ग की करीब हर दूसरी शादी बालिग होने से पहले हो गई। NFHS-6 के आंकड़ों के मुताबिक आगर मालवा का यह अनुपात NFHS-5 के 35.6 फीसदी से बढ़कर 49.4 फीसदी हो गया है। पांच साल में यहां 13.8 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।

ग्रामीण और शहरी मध्य प्रदेश के बीच भी बड़ा अंतर

प्रदेश की कुल तस्वीर में हालांकि कुछ सुधार दिखाई देता है। NFHS-5 में मध्य प्रदेश में 20-24 वर्ष की 23.1 फीसदी महिलाओं का विवाह 18 साल से पहले हुआ था, जबकि NFHS-6 में यह अनुपात घटकर 20 फीसदी रह गया। यानी राज्य स्तर पर 3.1 प्रतिशत अंक की कमी आई है। इस लिहाज से प्रदेश में अब भी हर पांच में से एक महिला ऐसी है, जिसकी शादी 18 साल की उम्र से पहले हुई थी।

ग्रामीण और शहरी मध्य प्रदेश के बीच भी बड़ा अंतर सामने आया है। NFHS-6 में शहरी क्षेत्र की 9 फीसदी महिलाओं की शादी 18 साल से पहले हुई, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में यह अनुपात 23.4 फीसदी रहा। यानी गांवों में यह समस्या शहरों के मुकाबले ढाई गुने से भी अधिक है।

रिपोर्ट में जिलेवार आंकड़े 20-24 वर्ष की महिलाओं के विवाह की उम्र के आधार पर दिए गए हैं। इसलिए इन्हें किसी एक साल में दर्ज हुए बाल विवाह के मामलों की संख्या नहीं माना जा सकता। NFHS-6 की फैक्टशीट के नतीजे प्रोविजनल हैं और रिपोर्ट ने छोटे सैंपल वाले कुछ संकेतकों की तुलना में सावधानी बरतने की बात कही है।

आगर मालवा में हर दूसरी महिला का विवाह 18 से पहले

आगर मालवा में NFHS-6 का आंकड़ा 49.4 फीसदी है, जो प्रदेश के 20 फीसदी औसत से करीब ढाई गुना है। NFHS-5 में यही अनुपात 35.6 फीसदी था। यानी पांच साल में स्थिति में सुधार के बजाय 13.8 प्रतिशत अंक का उलटा उछाल आया। यह प्रदेश के सभी जिलों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी भी है।

आगर मालवा: NFHS-5 : 35.6% → NFHS-6 : 49.4%

आगर मालवा में 20-24 वर्ष की करीब आधी महिलाओं की शादी 18 साल की उम्र से पहले हुई। पांच साल में अनुपात 35.6 से बढ़कर 49.4 फीसदी हो गया। बाल विवाह में 13.8 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है।

हरदा में बाल विवाह दोगुने से ज्यादा

हरदा में NFHS-5 के दौरान 20-24 वर्ष की 10 फीसदी महिलाओं की शादी 18 साल से पहले हुई थी। NFHS-6 में यह अनुपात बढ़कर 20.8 फीसदी हो गया। यानी पांच साल में 10.8 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई और अनुपात दोगुने से ज्यादा हो गया।

खंडवा में 18 साल से पहले विवाह का अनुपात NFHS-5 में 10.8 फीसदी था। NFHS-6 में यह बढ़कर 16.9 फीसदी हो गया। यानी जिले में 6.1 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

सतना में 5.5 प्रतिशत अंक का इजाफा

सतना में NFHS-5 के दौरान 18 साल से पहले शादी का अनुपात 12.9 फीसदी था। NFHS-6 में यह बढ़कर 18.4 फीसदी हो गया। यानी 5.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। बैतूल में NFHS-5 में 20-24 वर्ष की 11.2 फीसदी महिलाओं की शादी 18 साल से पहले हुई थी। NFHS-6 में यह आंकड़ा 16.2 फीसदी हो गया। यानी 5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।

राजगढ़ में सबसे बड़ी गिरावट

राजगढ़ में NFHS-5 के दौरान 20-24 वर्ष की 46 फीसदी महिलाओं का विवाह 18 साल से पहले हुआ था। NFHS-6 में यह घटकर 23 फीसदी रह गया। यानी पांच साल में 23 प्रतिशत अंक की सबसे बड़ी कमी दर्ज हुई।

छतरपुर में 16.7 अंक की कमी

छतरपुर में 18 साल से पहले विवाह का अनुपात NFHS-5 में 39.2 फीसदी था, जो NFHS-6 में घटकर 22.5 फीसदी रह गया। यानी 16.7 प्रतिशत अंक की कमी आई।

श्योपुर में 14.2 अंक की गिरावट

श्योपुर में NFHS-5 के 39.5 फीसदी के मुकाबले NFHS-6 में 18 साल से पहले विवाह का अनुपात 25.3 फीसदी रह गया। इस तरह जिले में 14.2 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज हुई।

रीवा में बाल विवाह आधे के करीब

रीवा में NFHS-5 में 18 साल से पहले विवाह का अनुपात 28.2 फीसदी था। NFHS-6 में यह घटकर 14.9 फीसदी रह गया। यानी 13.3 प्रतिशत अंक की कमी आई।

इंदौर में 21.7 से घटकर 10.6 फीसदी

इंदौर में NFHS-5 के दौरान 18 साल से पहले विवाह का अनुपात 21.7 फीसदी था। NFHS-6 में यह घटकर 10.6 फीसदी रह गया। यानी 11.1 प्रतिशत अंक की कमी हुई।

दतिया में भी 10.7 अंक की कमी

दतिया में NFHS-5 के 27.7 फीसदी के मुकाबले NFHS-6 में 18 साल से पहले विवाह का अनुपात 17 फीसदी रह गया। जिले में 10.7 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज हुई।

गांवों में ढाई गुना से ज्यादा बाल विवाह

मध्यप्रदेश में बाल विवाह की समस्या ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में कहीं ज्यादा गंभीर है। NFHS-6 के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में 23.4 फीसदी, जबकि शहरी क्षेत्र में 9 फीसदी महिलाओं की शादी 18 साल से पहले हुई। कुल राज्य औसत 20 फीसदी है। यानी शहरों की तुलना में गांवों में 18 साल से पहले विवाह का अनुपात करीब 2.6 गुना है।

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