Jabalpur News: एमपी अजब है… और यहां के चोर भी बेहद गजब हैं. अब तक आपने घर, दुकान, वाहन और ट्रांसफॉर्मर की चोरी तो सुनी होगी, लेकिन जबलपुर में चोरों ने चोरी का ऐसा कारनामा किया है, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे ये कैसी चोरी है भाई? चोरों ने खंभे नहीं चुराए… खंभों पर लगे बिजली के तार ही काटकर गायब कर दिए. रात के अंधेरे में चोर एक-दो नहीं, बल्कि 50 से ज्यादा बिजली के खंभों से 11 केवी की हाईटेंशन लाइन काटकर ले गए. सुबह कई गांवों की बिजली गुल मिली तो ग्रामीणों ने सोचा कि शायद बारिश की वजह से सप्लाई बंद है, लेकिन जब बिजली अमला मौके पर पहुंचा तो मामला देखकर हैरान रह गया. खंभे जस के तस खड़े थे, बस उनके ऊपर से बिजली के तार गायब थे.
शहपुरा और चरगवां इलाके में चोरों ने कृषि फीडरों को निशाना बनाया. ग्रामीणों ने लाइनमैन को बताया कि खंभे तो खड़े हैं, लेकिन उन पर तार ही नहीं हैं. किसानों ने जब बिजली सप्लाई बंद होने की शिकायत की, तब इस अनोखी चोरी का खुलासा हुआ. सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. शहपुरा के खिरकाखेड़ा में 19 पोलों से विद्युत लाइन चोरी कर ली गई, जबकि चरगवां में करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन को काटकर चोर अपने साथ ले गए. सबसे हैरानी की बात ये है कि चोरों ने जिस लाइन को निशाना बनाया, वह 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन थी. यानी चोरी भी ऐसी कि जान का जोखिम उठाकर चोरों ने रात में तार काटे और फिर उन्हें लेकर फरार हो गए.
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इसी तरह चरगवां थाना क्षेत्र में करीब दो किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन चोरों के निशाने पर रही. यहां कृषि पंप के करीब 21 पोलों से लाइन काट दी गई. किसानों की शिकायतों के बाद बिजली अमला सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर हालात देखे. चोरी की इन वारदातों से बिजली विभाग को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है. मामले में शहपुरा और चरगवां थाने में विद्युत लाइन चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई है. इन पोलों से कृषि फीडर के जरिए किसानों को दिन के समय बिजली सप्लाई दी जाती है. रात में सप्लाई बंद रहने का फायदा चोरों ने उठाया और रातों-रात खंभों से तार काटकर ले गए.
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी लंबी हाईटेंशन लाइन को चोरों ने इतनी आसानी से कैसे काट दिया और उसे मौके से ले भी गए. ग्रामीण इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग नहीं होने का फायदा चोरों को मिलने की आशंका जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि बिजली के उपकरणों के साथ अब विद्युत तार भी चोरों के निशाने पर हैं. आशंका है कि कबाड़ कारोबार से जुड़े लोग इस तरह की वारदातों के पीछे हो सकते हैं, जो मौका मिलते ही बिजली के तार और दूसरे उपकरण चोरी कर लेते हैं.

शिव चौबे
शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.
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