मध्य प्रदेश में बैंक ग्राहकों को सितंबर के अंत में लगातार पांच दिन शाखा सेवाओं में परेशानी हो सकती है। 26-27 सितंबर की छुट्टी के बाद 28-30 सितंबर तक बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। 23-25 सितंबर के बीच जरूरी काम निपटाने की सलाह है।
मध्य प्रदेश में बैंक ग्राहकों को सितंबर के अंत में लगातार पांच दिन शाखा सेवाओं में परेशानी हो सकती है।
- Published: 23 Sep 2026, 12:25 PM IST
- Last Updated: 23 Sep 2026, 12:25 PM IST
भोपाल। मध्य प्रदेश के बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। अगर बैंक शाखा से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो उसे 23 से 25 सितंबर के बीच निपटा लेना बेहतर रहेगा।
26 सितंबर को चौथा शनिवार, 27 सितंबर को रविवार और 28 से 30 सितंबर तक बैंककर्मियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल है। ऐसे में शाखाओं की सामान्य सेवाएं लगातार पांच दिन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर 28, 29 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। 22 सितंबर की बातचीत के बाद भी यूनियनों ने हड़ताल स्थगित नहीं करने का फैसला किया है।
26 से 30 सितंबर तक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की आशंका
सितंबर के अंतिम सप्ताह में बैंक ग्राहकों को लगातार पांच दिन शाखा संबंधी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
26 सितंबर शनिवार और 27 सितंबर रविवार की छुट्टी है।
इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल प्रस्तावित है।
हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं, एटीएम और यूपीआई जैसी सुविधाएं बैंक और सिस्टम की उपलब्धता के अनुसार चलती रह सकती हैं।
ग्राहकों के लिए खास तौर पर वे काम प्रभावित हो सकते हैं जिनमें बैंक शाखा में कर्मचारी की मदद या भौतिक दस्तावेज जरूरी होते हैं।
इनमें कैश जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम, कुछ दस्तावेजी प्रक्रियाएं और अन्य काउंटर सेवाएं शामिल हैं।
5-डे बैंकिंग वीक की मांग को लेकर आंदोलन
बैंक यूनियनों का मुख्य मुद्दा पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह (5-Day Banking Week) लागू करना है।
UFBU लंबे समय से सभी शनिवार को बैंक अवकाश घोषित करने की मांग कर रहा है।
सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ बातचीत के बावजूद इस मांग पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
वित्त मंत्रालय ने 21 सितंबर को बैंक कर्मचारियों से हड़ताल से बचने और लंबित मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की थी।
मंत्रालय के अनुसार यूनियनों की एक प्रमुख मांग, Performance Linked Incentive (PLI) योजना को लेकर, सरकार ने उसे फिलहाल स्थगित कर दिया है, जबकि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह का मुद्दा अभी लंबित है।
सितंबर में पहले भी हुई थी बैंक हड़ताल
इससे पहले 11 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश समेत देशभर में बैंककर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल की थी।
मध्य प्रदेश में करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल में शामिल हुए थे और लगभग 7 हजार शाखाओं पर इसका असर पड़ा था।
भोपाल के एमपी नगर में भी बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था।
अब सितंबर के अंतिम सप्ताह में फिर तीन दिन की हड़ताल प्रस्तावित है।
इसके अलावा UFBU ने मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी आह्वान किया है।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
- अगर आपको बैंक शाखा जाकर कैश जमा या निकालना, चेक जमा करना, बैंक से दस्तावेज लेना, खाता संबंधी कोई प्रक्रिया पूरी करना या कर्मचारी की सहायता से होने वाला कोई जरूरी काम करना है तो 23 से 25 सितंबर के बीच इसे पूरा कर लेना बेहतर रहेगा।
- बैंकों ने ग्राहकों को डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
- SBI समेत कुछ बैंकों ने ग्राहकों को हड़ताल से पहले जरूरी लेन-देन पूरा करने और ATM, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग तथा UPI जैसी सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी है
5-डे वीक लागू हुआ तो क्या बदलेगा?
वर्तमान व्यवस्था में बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है।
बैंक यूनियनों की मांग है कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग कामकाज हो और शनिवार-रविवार दोनों दिन साप्ताहिक अवकाश दिया जाए।
यूनियनों का तर्क है कि शनिवार की छुट्टी की भरपाई कार्यदिवसों में काम के समय को बढ़ाकर की जा सकती है।
इस मांग को लेकर पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू नहीं हुआ है।
हड़ताल से कौन सी सेवाएं ज्यादा प्रभावित होंगी?
ज्यादा प्रभावित होने वाली सेवाएं:
- बैंक शाखाओं में कैश जमा और निकासी
- चेक जमा और क्लियरेंस से जुड़े काम
- कर्मचारी की सहायता वाली शाखा सेवाएं
- दस्तावेज और काउंटर से जुड़े काम
चलती रह सकती हैं:
- UPI
- इंटरनेट बैंकिंग
- मोबाइल बैंकिंग
- ATM सेवाएं
हालांकि, डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता संबंधित बैंक और तकनीकी सिस्टम पर निर्भर करेगी।
इसलिए बैंक ग्राहकों के लिए 23 से 25 सितंबर के तीन दिन अहम हैं।
इसके बाद 26 से 30 सितंबर तक छुट्टी और हड़ताल के कारण शाखा में जाकर होने वाले जरूरी कामों में लंबा व्यवधान आ सकता है।