भोपाल में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में 130 से अधिक केंद्रीय, शैक्षणिक, शोध और निजी संस्थान शामिल होंगे। ‘वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस’ के तहत संस्थान प्रदेश के विकास के लिए ठोस संकल्प प्रस्तुत करेंगे

Samruddh Madhya Pradesh

भोपाल में आज सीएम मोहन यादव करेंगे कॉन्क्लेव का शुभारंभ

  • Published: 24 Aug 2026, 10:44 AM IST
  • Last Updated: 24 Aug 2026, 10:44 AM IST

भोपाल: मध्यप्रदेश को 2047 तक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में सोमवार को भोपाल में बड़ा मंथन होगा। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) की ओर से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका शुभारंभ करेंगे।

कॉन्क्लेव का विषय “Contribution of Centrally Funded Institutions for Samruddh Madhya Pradesh@2047” रखा गया है। इसकी थीम ‘वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस’ यानी ‘एक संस्थान–एक संकल्प’ है। इसके तहत प्रदेश में काम कर रहे केंद्रीय और शैक्षणिक संस्थान मध्यप्रदेश के विकास से जुड़ा अपना एक ठोस और लागू करने योग्य संकल्प प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ पर मुख्य वक्तव्य देंगे। AIGGPA के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित विशेष संबोधन करेंगे, जबकि मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. संतोष कुमार विश्वकर्मा कॉन्क्लेव की पृष्ठभूमि और इसकी जरूरत पर जानकारी देंगे।

130 से ज्यादा संस्थान होंगे शामिल
कॉन्क्लेव में 130 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इनमें 59 केंद्रीय संस्थान, 26 राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय, 11 शासकीय इंजीनियरिंग संस्थान, 19 शासकीय मेडिकल कॉलेज, 8 राज्य स्तरीय शोध संस्थान और 9 चयनित निजी विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसमें IIT इंदौर, IIM इंदौर, IISER भोपाल, MANIT भोपाल, AIIMS भोपाल, NFSU भोपाल, RRCAT इंदौर के साथ DRDO और ISRO जैसे प्रमुख संस्थानों की भागीदारी रहेगी।

खेती से स्वास्थ्य तक विकास पर चर्चा
कॉन्क्लेव में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, उद्योग, कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में ‘Inclusive Economic Growth and Social Empowerment for Samruddh Madhya Pradesh@2047’ विषय पर विभाग अपनी प्राथमिकताएं और चुनौतियां सामने रखेंगे।

केंद्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ और राज्य सरकार के अधिकारी मिलकर आगे की कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। खास बात यह है कि शोध और तकनीकी विशेषज्ञता को केवल संस्थानों तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश की जमीनी समस्याओं के समाधान में इस्तेमाल करने पर जोर रहेगा।

एमओयू से बढ़ेगा सहयोग
कॉन्क्लेव के दौरान AIGGPA और केंद्रीय संस्थानों के बीच कई MoU भी किए जाएंगे। इनके जरिए संयुक्त शोध, तकनीकी समाधान, विकास परियोजनाओं और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि संस्थानों की विशेषज्ञता और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से ‘समृद्ध मध्यप्रदेश@2047’ के लक्ष्य को गति मिलेगी।