धार की सूक्ष्म सिंचाई योजना, जिसकी लागत 2,387.60 करोड़ रुपये है, का लक्ष्य 260 गांवों में 57,422 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करना है, जिससे लगभग 72,000 किसानों को लाभ होगा। यह परियोजना मोदी की जल कॉरिडोर योजना के अनुरूप है और धार और पड़ोसी जिलों में ग्रामीण रोजगार, कृषि विकास और क्षेत्रीय विकास का समर्थन करती है।
By Oneindia Staff
Published: Saturday, October 24, 2026, 22:01 [IST]
धार/भोपाल, 24 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को धार जिले के सरदारपुर में नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। ₹2,387.60 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना से धार और झाबुआ क्षेत्र के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इससे करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
सरदारपुर स्थित खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना का तैयार रूट मैप भी देखा। इसके अलावा उन्होंने 188 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 16.70 लाख किसानों के खातों में ₹317.86 करोड़ की राशि भी अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरदार सरोवर बांध सहित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से धार और झाबुआ क्षेत्र तक नर्मदा का जल पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है और सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2002-03 तक मध्य प्रदेश में लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी। वर्ष 2023 तक यह रकबा बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हुआ और पिछले ढाई वर्षों में इसे 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया गया है। अब राज्य सरकार ने सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि खेतों तक पानी पहुंचने से किसानों की फसल और उनकी आय, दोनों को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार कृषि के साथ उद्योग और अन्य क्षेत्रों के विकास पर भी ध्यान दे रही है।
किसानों और महिलाओं का पलायन रोकने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार क्षेत्र में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। धार को रेलवे लाइन की सौगात मिली है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिले में पीएम मित्र पार्क की शुरुआत से जुड़ी पहल को आगे बढ़ाया है।
पीएम मित्र पार्क के माध्यम से निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब छह लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड परिधान तैयार करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना से प्रदेश में करीब तीन लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सिंचाई और औद्योगिक विकास से धार-झाबुआ क्षेत्र के युवाओं, किसानों और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे उन्हें काम की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में पलायन करने की जरूरत कम होगी।
डेयरी शुरू करने पर मिलेगा ₹10 लाख तक का अनुदान
मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों के लिए संचालित योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की गई है। इसके तहत यदि कोई किसान लगभग ₹43 लाख की लागत से 25 गाय-भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करता है, तो उसे सरकार की ओर से ₹10 लाख का अनुदान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस सेवा से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, खासकर त्योहारों के दौरान इसका लाभ होगा।
गांवों में मकान और जमीन की रजिस्ट्री पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्रियां कराने के संकल्प का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों को अपने मकान और भूमि के स्वामित्व के दस्तावेज मिल सकेंगे। इन दस्तावेजों के आधार पर वे बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने के पात्र भी बन सकते हैं।
उन्होंने बताया कि धार जिले के अमका-झमका माता मंदिर को श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल कर तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मान्यता के अनुसार, इस स्थान का संबंध भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह से है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रीय विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण पर भी काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई परियोजनाओं से छूटे गांवों को आगे जोड़ा जाएगा और धार में मेडिकल कॉलेज की सौगात भी जल्द मिलेगी। प्रदेश सरकार ने भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिया है।
चार पुल, विद्यालय भवन और अस्पताल सहित विकास कार्य
कार्यक्रम में धार जिले के लिए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इनमें करीब ₹25 करोड़ की लागत से बने चार पुल, ₹15 करोड़ के विद्यालय भवन और 50 बिस्तरों वाले अस्पताल सहित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही कन्या विद्यालय भवन, आईटीआई भवन और अमका-झमका माता मंदिर के विकास के लिए करीब ₹3 करोड़ की लागत वाले कार्यों का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में विकास कार्यों को आगे भी गति दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने वहां प्रदर्शित उत्पादों के निर्माण, विशेषताओं और उपयोगिता की जानकारी भी ली।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- तीन फसलों को मिलेगा बढ़ावा
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा धार जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा है। उनके मुताबिक, माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
उन्होंने कहा कि नर्मदा और माही के जल की उपलब्धता से किसानों को एक वर्ष में तीन फसलें लेने के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रदेश के अधिक से अधिक क्षेत्रों को सिंचाई सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं। वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि इस सिंचाई परियोजना से धार, झाबुआ, पेटलावद, थांदला और सरदारपुर क्षेत्र को नर्मदा जल का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से छूटे क्षेत्रों को भी जल्द जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
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