जबलपुर में 362.31 करोड़ रुपये की लागत वाली अमृत 1.0 सीवेज परियोजना, तीन नए एसटीपी, एक आधुनिक लॉन्ड्री और एक नए मछली बाजार के लॉन्च के साथ एक प्रमुख विकास को बढ़ावा दिया गया है। सीएम ने एक हरित रोपण अभियान, पीएम स्वनिधि लाभार्थियों के लिए डिजिटल कार्ड और एक महानगरीय जबलपुर की योजनाओं की भी घोषणा की।

By Oneindia Staff

Time Published: Saturday, August 1, 2026, 20:32 [IST]

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। उन्होंने 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 'अमृत 1.0' सीवेज परियोजना का शुभारंभ किया और कठौंदा, ललपुर तथा तेवर में स्थापित तीन आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का लोकार्पण किया। इसके साथ ही सिविल लाइन में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडर्न लॉन्ड्री और गुरंदी में 2.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए मत्स्य बाजार का भी उद्घाटन किया।

Amrit 1.0 Sewage Drive in Jabalpur

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को डिजिटल कार्ड वितरित किए। उन्होंने जबलपुर में फर्नीचर निर्माण क्लस्टर स्थापित करने तथा एक नए सांदीपनि विद्यालय की घोषणा भी की। कार्यक्रम के दौरान 'कैच द रेन' अभियान के तहत 11 लाख पौधरोपण महाअभियान का शुभारंभ भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन, पक्के मकान, शौचालय, हर घर जल योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। वहीं, पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए सहयोग की भावना से कार्य कर रही है।

11 लाख पौधों के साथ शुरू हुआ हरित अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति संरक्षण भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। जबलपुर से 11 लाख पौधरोपण अभियान की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पेड़ मानव जीवन के लिए ऋषि-मुनियों के समान हैं, जो हमें स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करते हैं।

उन्होंने मियावाकी पद्धति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तकनीक से कम भूमि में घना वन विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों, जंगलों और जैव विविधता से समृद्ध राज्य है तथा पर्यावरण संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मॉडर्न लॉन्ड्री और नए मत्स्य बाजार की सौगात

मुख्यमंत्री ने कहा कि जबलपुर में आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न लॉन्ड्री शुरू होने से लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। वहीं गुरंदी में नए मत्स्य बाजार के निर्माण से मछली व्यवसाय से जुड़े लोगों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और स्वच्छता भी सुनिश्चित होगी।

यूसीसी पर रखी सरकार की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर प्रदेशभर से लाखों सुझाव प्राप्त हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है।

शिक्षा और रोजगार पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दो वर्षों में हजारों शिक्षकों और पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है। इसके अलावा लाखों शासकीय कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा का लगातार विस्तार हो रहा है और जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को भविष्य में एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध हो सके।

जबलपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जबलपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने का ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार एक वर्ष के भीतर इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

उन्होंने बताया कि मदन महल क्षेत्र में एक बड़े आधुनिक चिड़ियाघर का निर्माण किया जाएगा, जो देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहले से टाइगर स्टेट है और अब चीता संरक्षण में भी देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। भविष्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गैंडे और किंग कोबरा जैसे जीवों के संरक्षण पर भी कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को साथ लेकर आगे बढ़ना है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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