कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। एमएसएमई विभाग ने 15 सितंबर तक EOI मांगी है। मिल 30 साल की लीज पर दी जाएगी।

 Kailaras Sugar Mill

कैलारस शुगर मिल फिर होगी गुलजार

  • Published: 22 Aug 2026, 11:17 AM IST
  • Last Updated: 22 Aug 2026, 11:17 AM IST

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की लंबे समय से बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने मिल को फिर से चालू करने के लिए निजी कंपनियों से रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) मांगी है। मिल शुरू होने से कैलारस और आसपास के इलाके में रोजगार के साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

15 सितंबर तक जमा होंगे प्रस्ताव
एमएसएमई विभाग के आयुक्त दिलीप कुमार के मुताबिक कैलारस शुगर मिल को 'जैसी है, जहां है' के आधार पर लीज पर दिया जाएगा। इच्छुक कंपनियां 15 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक ऑनलाइन प्रस्ताव जमा कर सकेंगी। प्राप्त प्रस्ताव 16 सितंबर को शाम 5 बजे खोले जाएंगे।

सरकार ने उन कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं, जो शुगर और उससे जुड़े उप-उत्पादों के निर्माण का अनुभव और क्षमता रखती हैं।

31 अगस्त और 1 सितंबर को साइट विजिट
इच्छुक कंपनियों के लिए मिल की साइट विजिट का भी इंतजाम किया गया है। संभावित बोलीदाता 31 अगस्त और 1 सितंबर को सुबह 11 बजे से मिल परिसर का निरीक्षण कर सकेंगे। इसके बाद 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे विंध्याचल भवन की चौथी मंजिल स्थित मीटिंग हॉल में प्री-बिड मीटिंग होगी। कंपनियां मिल से जुड़े लिखित सवाल 7 सितंबर शाम 5 बजे तक जमा कर सकती हैं।

1,250 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता
कैलारस शुगर मिल NH-552 पर स्थित है और कैलारस रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी 3 किलोमीटर से भी कम है। मिल की गन्ना पेराई क्षमता 1,250 टन प्रतिदिन बताई गई है। मिल की संपत्तियों में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट और मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और 12.86 हेक्टेयर जमीन शामिल है।

30 साल के लिए मिलेगी लीज
सरकार मिल को शुरुआती तौर पर 30 साल की लीज पर देने की तैयारी कर रही है। संतोषजनक कामकाज और तय शर्तों के आधार पर लीज अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है। सरकार का मकसद बंद पड़ी मिल को दोबारा शुरू कराकर स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करना, गन्ना किसानों को बाजार उपलब्ध कराना और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाना है।

2025 में कैबिनेट ने लिया था फैसला
कैलारस शुगर मिल के पुनरुद्धार की दिशा में बड़ा कदम 19 अगस्त 2025 को उठाया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मिल की जमीन एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया था।
अब EOI प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीद है कि मिल को संचालन के लिए उपयुक्त कंपनी मिलने पर इसे दोबारा शुरू करने की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन: MP Tenders
विभागीय जानकारी: MP MSME Department