मध्य प्रदेश पर्यटन प्रश्नोत्तरी 2026 संपन्न हुई, जिसमें बालाघाट, धार और सीधी के विजेताओं ने मुफ्त टूर पैकेज जीते। 'मध्य प्रदेश की खजाने की कला' थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रदर्शन हुए और छात्रों के लिए पर्यटन करियर के अवसरों पर जोर दिया गया, जिसमें 53 जिलों में विरासत को भविष्य के उद्योग की संभावनाओं से जोड़ा गया।
By Oneindia Staff
Published: Tuesday, October 27, 2026, 23:02 [IST]
भोपाल: मध्यप्रदेश में पर्यटन के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने और उन्हें प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय पर्यटन क्विज-2026 का समापन हो गया। प्रतियोगिता में बालाघाट के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। धार के पब्लिक स्कूल की टीम दूसरे और सीधी के काशी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की टीम तीसरे स्थान पर रही।
कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समापन समारोह में संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने विजेता विद्यार्थियों को मेडल और निःशुल्क टूर पैकेज के कूपन प्रदान किए। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 53 जिलों से 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
राज्यमंत्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यटन क्विज का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रदेश के पर्यटन के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें इस क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से परिचित कराना है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थी मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध संस्कृति और पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। यह पहल उनके ज्ञान और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ पर्यटन के क्षेत्र में भविष्य संवारने के नए अवसरों से भी परिचित कराती है।
पर्यटन और ट्रैवल इंडस्ट्री में करियर की संभावनाएं
पर्यटन विभाग के सचिव एवं मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यटन क्विज युवा पीढ़ी को प्रदेश की विरासत से जोड़ने के साथ उनके बेहतर भविष्य की नींव रखने में मदद करती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों को समझने से विद्यार्थियों के लिए पर्यटन एवं ट्रैवल इंडस्ट्री में करियर के नए रास्ते खुल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेना, निरंतर मेहनत करना और सही लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना सफलता के लिए जरूरी है। डॉ. इलैयाराजा टी. ने विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश का ब्रांड एंबेसडर बताते हुए कहा कि प्रदेश अपनी अद्भुत संस्कृति और विरासत के कारण दुनिया भर में विशेष पहचान रखता है।
अब तक 21 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़े
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पर्यटन को युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने और विद्यार्थियों को प्रदेश की पर्यटन संपदा से जोड़ने के लिए हर साल राज्य स्तरीय पर्यटन क्विज आयोजित की जाती है।
उनके अनुसार, इस पहल के माध्यम से अब तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 21 लाख से अधिक विद्यार्थी मध्यप्रदेश पर्यटन से जुड़ चुके हैं। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक परंपराओं, वन्यजीवों और प्राकृतिक धरोहरों के प्रति जागरूक करने का माध्यम बन रही है।
विजेताओं को मिलेगा निःशुल्क मध्यप्रदेश भ्रमण
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के फाइनल में छह टीमों ने जगह बनाई। इनमें सीधी, धार, मुरैना, सतना, बालाघाट और उमरिया की टीमें शामिल थीं। पर्यटन विभाग की ओर से इन टीमों को मध्यप्रदेश भ्रमण का अवसर प्रदान किया गया।
विजेता टीमों को विभाग के अंतर्गत आने वाले होटलों में ठहरने और प्रदेश के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का लाभ मिलेगा। पुरस्कार के तहत टूर पैकेज इस प्रकार हैं:
- * प्रथम स्थान — बालाघाट: 5 दिन और 4 रात का निःशुल्क टूर पैकेज।
- * द्वितीय स्थान — धार: 4 दिन और 3 रात का निःशुल्क टूर पैकेज।
- * तृतीय स्थान — सीधी: 3 दिन और 2 रात का निःशुल्क टूर पैकेज।
- * जिला स्तरीय प्रतियोगिता की टीमें: 3 दिन और 2 रात के भ्रमण का अवसर।
इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम "द ट्रेज़र आर्ट ऑफ एमपी" रखी गई थी। इसमें प्रदेश के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समापन समारोह में भोपाल के शासकीय आदर्श आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय की 30 छात्राओं ने ‘श्री रामचरितम्’ की प्रस्तुति दी। भारतीय ज्ञान परंपरा, शास्त्रीय अभिनय और लोक संगीत के माध्यम से रामायण की कथा को मंच पर जीवंत किया गया।
करीब 35 मिनट की प्रस्तुति में भगवान राम के जन्म से लेकर वनवास, सीता हरण, राम-रावण युद्ध और राम राज्याभिषेक तक की कथा प्रस्तुत की गई। इसके अलावा विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए माइंड रीडर प्ले का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के संयुक्त संचालक डॉ. संतोष श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण एच.एन. नेमा, एसडीएम लखन सिंह चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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