जुलाई के तीसरे सप्ताह में 3.3 इंच बारिश होने से प्रदेश में मानसून की स्थिति सुधरी। देवास सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम वर्षा दर्ज की गई।
MP Weather Alert
- Published: 26 Jul 2026, 10:06 AM IST
- Last Updated: 26 Jul 2026, 10:06 AM IST
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में जुलाई के तीसरे सप्ताह में हुई अच्छी बारिश ने मानसून की स्थिति को काफी हद तक बेहतर किया है। इस दौरान प्रदेश में करीब 3.3 इंच वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया। वर्तमान में राज्य में अब तक लगभग 13 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत 14.6 इंच से करीब 11 प्रतिशत कम है।
जून में रही कमी, जुलाई में मिली राहत
इस वर्ष मानसून प्रदेश में 24 जून को पहुंचा, जो सामान्य से नौ दिन देर से था। देर से आगमन के कारण जून में बारिश सामान्य से काफी कम रही। हालांकि, जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी वर्षा से स्थिति में सुधार हुआ। दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ा, लेकिन तीसरे सप्ताह में तेज बारिश ने फिर से राहत पहुंचाई और औसत वर्षा के आंकड़े बेहतर हो गए।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में सबसे बेहतर स्थिति
इस बार पश्चिमी मध्य प्रदेश, खासकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र, में मानसून का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
देवास राज्य का सबसे अधिक वर्षा वाला जिला रहा, जहां अब तक करीब 19.3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से काफी अधिक है। दूसरी ओर आलीराजपुर में केवल 3.9 इंच बारिश हुई, जो सामान्य से काफी कम मानी जा रही है।
14 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 14 जिलों में अब तक औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, दमोह, सिवनी, निवाड़ी और भिंड प्रमुख हैं।
41 जिले अब भी सामान्य बारिश से पीछे
प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, कटनी, पन्ना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, धार, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, ग्वालियर, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, मुरैना सहित कई जिले शामिल हैं।
मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि मानसून की सक्रियता बनी रहती है, तो इन जिलों में भी बारिश का आंकड़ा तेजी से सुधर सकता है।