Updated On: Jul 27, 2026 | 03:36 PM IST

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सार

MPSC Exam Paper Leak Claim 2026: MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा। व्हाट्सएप पर 78 सवाल वायरल, कांग्रेस ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल।

MPSC Exam Paper Leak

MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)

विस्तार

MPSC Exam Paper Leak: महाराष्ट्र में NEET विवाद और अभ्यर्थियों के भारी आक्रोश के बीच अब MPSC (महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर एक बार फिर पेपर लीक और व्यापक धांधली के गंभीर दावे सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल कथित व्हाट्सएप चैट, प्रश्नपत्र की तस्वीरों और साक्ष्यों के आधार पर कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।

हालांकि, विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे इन गंभीर सवालों और सबूतों के बावजूद अभी तक शासन या MPSC की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

5 लाख में बिके प्रश्नपत्र और 78 सवालों का व्हाट्सएप स्प्रेड

सामने आ रहे दावों के अनुसार, MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का आयोजन इसी वर्ष 22 मार्च को किया गया था, लेकिन आरोप है कि इसका प्रश्नपत्र परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 मार्च को ही व्हाट्सएप ग्रुप्स पर तेजी से प्रसारित हो रहा था। दावों के मुताबिक, प्रश्नपत्र के 78 सवाल परीक्षा से पहले ही कुछ चुनिंदा लोगों तक पहुंचा दिए गए थे।

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चर्चा है कि इस पूरे रैकेट के जरिए कथित तौर पर प्रति अभ्यर्थी 5 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र बेचा गया। इसके साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया और अंकों के आवंटन में भी भारी अनियमितताओं की बात कही जा रही है।

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लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता हर्षवर्धन सपकाल ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार को घेरते हुए कई तीखे सवाल दागे हैं। सपकाल ने कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर लीक होने और अभ्यर्थियों द्वारा ठोस साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह मौन धारण किए हुए है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सरकारी स्तर पर संरक्षण दिया जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में गरमाया मुद्दा

हर्षवर्धन सपकाल ने सीधे तौर पर राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए पूछा कि आखिर यह कथित पेपर लीक रैकेट किसके इशारे और किस मंत्री के आशीर्वाद से फल-फूल रहा है। राज्य में लगातार एक के बाद एक परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों के बीच निराशा और भारी असंतोष पैदा कर दिया है।

विपक्षी दल अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग पर अड़ गए हैं।

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