Shardiya Navratri Deepak: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो गई है और ये पर्व 19 अक्टूबर तक चलेगा. नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं, विधि-विधान से पूजा करते हैं और घरों में घटस्थापना कर अखंड ज्योति जलाते हैं. मान्यता है कि इन नौ दिनों में सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
नवरात्रि में पूजा के दौरान दीपक जलाने का भी विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक को प्रकाश, सकारात्मकता और शुभता का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि भक्त सुबह-शाम मां दुर्गा की पूजा करते समय दीपक जलाते हैं. हालांकि, कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि माता रानी के सामने घी का दीपक जलाना चाहिए या तेल का. अगर आप भी इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं, तो आइए जानते हैं कि नवरात्रि में मां दुर्गा के सामने कौन से तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है और इसे रखने की सही दिशा क्या है.
मां दुर्गा के सामने कौन से तेल का दीपक जलाएं?
मां दुर्गा की पूजा में गाय के शुद्ध देसी घी, तिल के तेल या सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, घी का दीपक सात्विकता और सकारात्मकता का प्रतीक है, जबकि तिल या सरसों के तेल का दीपक संकट और नकारात्मकता से बचाव के लिए जलाया जाता है. आप अपनी पूजा की परंपरा और श्रद्धा के अनुसार इनमें से किसी एक का दीपक जला सकते हैं.
घी का दीपक जलाने के नियम
नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान गाय के शुद्ध देसी घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि घी का दीपक वातावरण में सात्विकता और सकारात्मकता का भाव बढ़ाता है. अगर आप नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाना चाहते हैं या रोजाना सामान्य पूजा करते हैं, तो अपनी परंपरा के अनुसार घी का दीपक जला सकते हैं.
- घी का दीपक सही दिशा:-घी का दीपक मां दुर्गा के दाहिने हाथ की ओर रखना चाहिए. यानी पूजा करने वाले व्यक्ति की तरफ से यह बाईं ओर होगा.
तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाने के नियम
अगर आप मां दुर्गा के सामने तेल का दीपक जलाना चाहते हैं, तो तिल या सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं में तेल के दीपक को संकट और नकारात्मकता दूर करने से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, पूजा में किस तेल का इस्तेमाल करना है, यह परिवार की परंपरा और मान्यता पर भी निर्भर करता है.
तेल का दीपक सही दिशा:- तेल का दीपक मां दुर्गा के बाएं हाथ की ओर रखना चाहिए. यानी पूजा करने वाले व्यक्ति की तरफ से यह दाईं ओर होगा.
नवरात्रि में दीपक की बत्ती कैसी होनी चाहिए?
नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के लिए दीपक में एकमुखी या दोमुखी बत्ती का इस्तेमाल किया जा सकता है. दोमुखी दीपक में दो बत्तियां होती हैं. कुछ धार्मिक मान्यताओं में इसे मनोकामना पूर्ति और माता की कृपा से जोड़कर देखा जाता है. आप अपनी पूजा की परंपरा के अनुसार बत्ती का चुनाव कर सकते हैं.
दीपक जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- घी और तेल के दीपक के लिए अलग-अलग पात्र का इस्तेमाल करें.
- अखंड ज्योति जलाते समय दीपक को सुरक्षित और स्थिर जगह पर रखें.
- दीपक को पर्दों, कागज और अन्य ज्वलनशील चीजों से दूर रखें.
- जलते हुए दीपक को बिना निगरानी के न छोड़ें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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