Updated On: Aug 07, 2026 | 10:30 AM IST
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सार
Maharashtra Politics News: बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने मुंबई में सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। सुनेत्रा पवार के लिए नया रोडमैप तैयार करने की चर्चा से BJP नाराज है।

प्रशांत किशोर, सुनेत्रा पवार (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Maharashtra Politics Prashant Kishor Sunetra Pawar Meeting: विभिन्न राजनीतिक दलों की रणनीति बनाने में माहिर प्रशांत किशोर (पीके) का बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद हौसले काफी बुलंद है। इस चुनाव में उन्होंने बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाई है। अब इस सफलता के बाद पीके गुरुवार को मुंबई में राकां की राष्ट्रीय अध्यक्ष व डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार से उनके बंगले पर ख़ास मुलाक़ात की। इस दौरान सुनेत्रा पुत्र पार्थ पवार भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक़ पीके, सुनेत्रा के संकटमोचक बनकर राकां के भविष्य की राजनीति का रोडमैप तैयार करेंगे। दरअसल महायुति में सुनेत्रा को बीजेपी के अलावा शिंदे गुट से वर्चस्व का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में कांग्रेस ने सुनेत्रा को गूंगी गुड़िया कह कर संबोधित किया था। ऐसे में सुनेत्रा को ऐसे रणनीतिकार की सख्त जरूरत है, जो उनके मजबूत इमेज को जनता के सामने पेश कर सकें। पार्थ पवार, पीके के साथ लगातार संपर्क में थे। यही वजह है कि बिहार में विधानसभा का उपचुनाव खत्म होते ही वे सुनेत्रा पवार से मिलने के लिए मुंबई पहुंचे हैं। हालांकि पार्टी में इस मुलाकात को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है। पीके ने बिहार में जनसुराज्य पार्टी की स्थापना की है।
विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार हार गए थे। लेकिन बांकीपुर विस उपचुनाव में पीके ने जीत हासिल कर दिखा दिया है कि वे सिर्फ दूसरे दलों को चुनाव जीताने का गुर नहीं सिखाते हैं, बल्कि खुद भी चुनाव जीतने का हुनर रखते हैं। दो महीने पहले भी पीके ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की थी। उस समय पार्थ पवार ने कहा था कि पीके के पास राजनीति और उसके समीकरणों को समझने की गहरी पैठ है।
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पीके-सुनेत्रा मुलाकात से बीजेपी में नाराजगी
ऐसी खबर है कि पीके और सुनेत्रा की मुलाकात से बीजेपी में नाराजगी है। पीके खुले तौर पर बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। ऐसे में महायुति सरकार में शामिल राकां के साथ उनकी नजदीकियां सहयोगी बीजेपी को रास नहीं आ रही है।
प्रशांत किशोर अपने करीबी कंपनी जिसने डीएमके के लिए काम किया है, उस कंपनी को राकां के साथ जोड़ने आए है। यह कंपनी भले ही कागज पर किसी और की दिखाई दे लेकिन इसकी कमान पीके के हाथों में है। एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर यह कहा की बांकीपुर चुनाव के नतीजे आने के बाद तुरंत पीके के साथ चर्चा करना सही नहीं है।
