दिल्ली-NCR में प्रदूषण घटाने के लिए CAQM मालवाहक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर नए नियम लागू करेगा. पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले कुछ नए वाहनों पर चरणबद्ध रोक लगाई जाएगी.

Written By : जेबा परवीन |  Updated at : 23 Aug 2026 07:23 PM (IST)

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Delhi NCR New Vehicle Registration Rules 2027 Petrol Diesel CNG Delivery Vehicles माल ढुलाई में बड़ा बदलाव, दिल्ली-NCR में डीजल और CNG लोडिंग गाड़ियों पर ब्रेक

डीजल-पेट्रोल-CNG गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर लगेगी रोक

Source : ABPLIVE

अब दिल्ली-NCR में माल ढुलाई और डिलीवरी से जुड़े कारोबारियों के लिए आने वाले समय में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. जिसमें वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली-NCR में हल्के और बड़े मालवाहक वाहनों के रजिस्ट्रेशन को लेकर नए नियम लागू होने जा रहे हैं. इन नियमों के तहत आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले कुछ हल्के और नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी. ऐसे में अगर आप भी दिल्ली-NCR में माल ढुलाई या डिलीवरी का काम करते हैं, तो नई गाड़ी खरीदने से पहले इन नियमों को समझना बेहद जरूरी है.

कब से लागू होंगे नए वाहन रजिस्ट्रेशन नियम?

  • दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से CNG, डीजल या पेट्रोल से चलने वाले हल्के वाणिज्यिक डिलीवरी वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर एक-एक करके रोक लगाई जाएगी. 
  • सोनीपत, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे हाई व्हीकल डेंसिटी जिलों में यह नियम 7 जनवरी, 2027 से लागू होंगे.
  • 3.5 टन या 3,500 किलोग्राम तक वजन वाले N1 कैटेगरी के हल्के वाणिज्यिक वाहनों को लेकर भी नए रजिस्ट्रेशन नियम लागू किए जाएंगे. 
  • N1 कैटेगरी के बड़े मालवाहक वाहनों के लिए भी पेट्रोल, डीजल और CNG वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर अलग-अलग चरणों में रोक लगाई जाएगी.

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क्यों लिया गया यह फैसला?

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के मुताबिक, दिल्ली-NCR में प्रदूषण को कम करने के लिए वाहनों से होने वाले कण प्रदूषण को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है. हालांकि, CAQM ने गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण और खासकर PM2.5 के उत्सर्जन को कम करने के लिए यह फैसला लिया है. साथ ही आयोग ने बताया कि हल्के मालवाहक गाड़ी ऐक्टिव गाड़ी स्टॉक का सिर्फ 1.2% हिस्सा हैं, लेकिन कान प्रदूषण में इनका योगदान करीब 3.3% है.

CAQM का कहना है कि CNG वाहन डीजल के मुकाबले में प्राथमिक कण उत्सर्जन को काफी कम करते हैं, लेकिन इन्हें भी लंबे समय के लिए समाधान नहीं माना जा सकता है. CNG गाड़ियों से निकलने वाला नाइट्रोजन ऑक्साइड आगे चलकर सेकेंडरी PM2.5 बनने में योगदान दे सकता है.

EV की ओर बढ़ेगा माल ढुलाई का कारोबार

नए नियमों के बाद दिल्ली-NCR में माल ढुलाई और डिलीवरी करने वाली कंपनियों को आने वाले समय में नए गाड़ी खरीदते समय इन नियमों का ध्यान रखना होगा. ऐसे में कारोबारियों को डीजल, पेट्रोल और CNG गाड़ियों के बजाय EV को प्राथमिकता देने की जरूरत होगी. हालांकि, जिन कारोबारियों के पास पहले से EV का पर्याप्त बेड़ा नहीं है, उनके लिए नई गाड़ी की खरीदारी करने का प्लानिंग करना जरूरी होगा.

अब कारोबारियों को क्या करना चाहिए?

अब दिल्ली-NCR में माल ढुलाई का काम करने वाले सभी कारोबारियों को जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने से बचना होगा. ऐसे में उन्हें नया डीजल, पेट्रोल या CNG गाड़ी खरीदने के बजाय आने वाले रजिस्ट्रेशन नियमों की समय सीमा को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है. 

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About the author जेबा परवीन

जेबा परवीन पिछले करीब दो साल से ABP न्यूज़ के डिजिटल विंग में बतौर कंसल्टेंट काम कर रही हैं. इन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इसी चैनल में एक इंटर्न के रूप में की थी. उनके बेहतरीन काम को देखते हुए चैनल ने उन्हें कंसल्टेंट की ज़िम्मेदारी सौंपी. इन्होंने लंगट सिंह कॉलेज (मुजफ्फरपुर)  से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन (BMC) किया है.

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Published at : 23 Aug 2026 07:13 PM (IST)

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