Updated On: Jul 22, 2026 | 10:41 AM IST

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सार

Manoj Jarange Patil Jantar Mantar Visit: नीट विवाद और पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल 22 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचे। और सीजेपी के आंदोलन का समर्थन किया। 

Manoj Jarange Patil Jantar Mantar

मनोज जरांगे जंतर मंतर के लिए रवाना (फोटो क्रेडिट-X)

विस्तार

Manoj Jarange Patil Jantar Mantar: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ जारी छात्रों के विशाल आंदोलन को अब महाराष्ट्र के प्रमुख सामाजिक व मराठा आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल का भी सशक्त साथ मिल गया है। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए मनोज जरांगे ने सीजेपी (CJP) के इस आंदोलन को अपना 100 फीसदी नैतिक और सामाजिक समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान किया है।

आंदोलनकारी छात्रों का हौसला बढ़ाने और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए मनोज जरांगे पाटिल बुधवार (22 जुलाई) को खुद दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां वे जंतर-मंतर के मंच पर पहुंचकर युवाओं से सीधा संवाद करेंगे।

सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर छात्रों से मुलाकात

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनोज जरांगे पाटिल बुधवार सुबह करीब 7 बजे जालना जिले के अपने पैतृक गांव अंतरवाली सराटी से छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के लिए रवाना हुए। वहां से विशेष विमान द्वारा दिल्ली पहुंचकर वे सुबह 11:00 बजे सीधे जंतर-मंतर आंदोलन स्थल पर पहुंचेंगे।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट परीक्षा में पारदर्शिता की मांग पर अड़े छात्रों से मुलाकात कर जरांगे पाटिल उनके साथ अपनी एकजुटता प्रकट करेंगे। मराठा नेता के इस दिल्ली दौरे से जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन को एक नया सामाजिक और राजनीतिक बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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लाठीचार्ज पर भड़के मनोज जरांगे

दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए बल प्रयोग पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार पर तीखे जुबानी हमले बोले। उन्होंने कहा, “20 जुलाई को छात्रों पर जिस अमानवीय और बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया गया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। हमने अपने जीवन में इतनी निष्ठुर और क्रूर सरकार पहली बार देखी है। इस खूनी घटना ने पूरे देश के नागरिकों और अभिभावकों के मन को गहराई से आहत किया है।”

जरांगे ने तीखा सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि देश का युवा और भावी छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन भी नहीं कर सकते, तो आखिर इस देश में लोकतंत्र कैसे जीवित रहेगा?

लोकतंत्र कुचला तो भुगतना होगा अंजाम

मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर सत्ता के अहंकार में डूबे होने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई की घटना ने पूरे देश के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारत में संविधान और लोकतंत्र बचा भी है या नहीं।

जरांगे ने केंद्र व राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सरकार ने युवाओं और छात्रों की आवाज को लाठियों के दम पर दबाने की कोशिश की, तो इस सरकार का अहंकार तोड़ना पड़ेगा। यदि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार नहीं दिया गया, तो इसका भारी खामियाजा सरकार को आगामी चुनावों में महाराष्ट्र और पूरे देश में भुगतना पड़ेगा।”

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