Time Published: Friday, August 7, 2026, 19:28 [IST]

NEET UG 2026 पास करने वाले छात्रों के लिए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में दाखिला अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी (FRA) ने MBBS कोर्स की नई फीस लिस्ट जारी की है, जिसके बाद कई प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों ने अपनी सालाना ट्यूशन फीस बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत अब फीस 7.50 लाख रुपये से लेकर 17.13 लाख रुपये प्रति वर्ष तक पहुंच गई है।

खास बात यह है कि यह सिर्फ ट्यूशन और डेवलपमेंट फीस है। हॉस्टल, मेस, सिक्योरिटी और दूसरे खर्च अलग से देने होंगे। ऐसे में सरकारी सीट नहीं मिलने पर प्राइवेट कॉलेज का विकल्प चुनने वाले छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है।

NEET UG 2026 Private MBBS Fees Hike

वेदांता मेडिकल कॉलेज सबसे महंगा

नई फीस सूची के अनुसार पालघर स्थित वेदांता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सबसे महंगा मेडिकल कॉलेज बन गया है। यहां MBBS की सालाना फीस 17.13 लाख रुपये तय की गई है। वहीं नागपुर के NKP साल्वे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की फीस 13.95 लाख रुपये से बढ़ाकर 15.62 लाख रुपये कर दी गई है। यानी छात्रों को हर साल 1.67 लाख रुपये अधिक खर्च करने होंगे।

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इन कॉलेजों में भी बढ़ी फीस

  • टेरना मेडिकल कॉलेज, नवी मुंबई - 7.90 लाख से बढ़कर 9.13 लाख रुपये
  • वसंतराव पवार मेडिकल कॉलेज, नासिक - 11.96 लाख से बढ़कर 13.16 लाख रुपये
  • डॉ. राजेंद्र गोडे मेडिकल कॉलेज, अमरावती - करीब 1.82 लाख रुपये की बढ़ोतरी के बाद फीस 8.93 लाख रुपये सालाना

इन कॉलेजों में फीस है थोड़ी कम

कुछ मेडिकल कॉलेजों ने अब भी अपेक्षाकृत कम फीस रखी है।

  • भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, पुणे - 7.50 लाख रुपये सालाना
  • SSPM मेडिकल कॉलेज, सिंधुदुर्ग - 7.64 लाख रुपये सालाना

वहीं मुंबई के केजे सोमैया मेडिकल कॉलेज ने राहत देते हुए अपनी फीस 12 लाख रुपये से घटाकर 9.70 लाख रुपये कर दी है।

हॉस्टल और मेस का खर्च अलग

नई फीस में सिर्फ ट्यूशन और डेवलपमेंट शुल्क शामिल है। हॉस्टल, मेस, सिक्योरिटी मनी और अन्य शुल्क अलग से देने होंगे। अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन सभी खर्चों को जोड़ने के बाद एक छात्र का सालाना खर्च 22 से 25 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। उनका कहना है कि कुछ कॉलेज ट्यूशन फीस कम रखते हैं, लेकिन हॉस्टल और अन्य सुविधाओं के नाम पर ज्यादा रकम लेते हैं।

पूरे MBBS कोर्स पर लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ

MBBS कोर्स की अवधि 5.5 साल होती है, जिसमें 4.5 साल की पढ़ाई और 1 साल की इंटर्नशिप शामिल है। ऐसे में हर साल फीस बढ़ने से पूरे कोर्स के दौरान छात्रों पर 5 से 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

NEET UG 2026 काउंसलिंग शुरू होने से पहले नई फीस लागू होने के बाद अब छात्रों को कॉलेज चुनते समय रैंक के साथ-साथ पूरे कोर्स की कुल लागत का भी ध्यान रखना होगा।

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