Published: Wednesday, August 26, 2026, 18:09 [IST]
Nepal Flood Reason: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की। इस दौरान बाढ़ में हुई जनहानि पर संवेदना जताई। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और राहत-बचाव के लिए हर संभव मानवीय सहायता देने को तैयार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जानमाल की क्षति पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस कठिन समय में नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।
PM मोदी बोले- भारत हर संभव मदद को तैयार
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत नेपाल को इस आपदा से निपटने के लिए हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए करीबी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। भारत की ओर से यह मदद ऐसे समय में सामने आई है, जब नेपाल के तिब्बत सीमा से सटे इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है।
Nepal Flood Reason: भोटेकोशी नदी में उफान, तिब्बत ने मचाई तबाही
आपको बता दें कि, बुधवार सुबह (26 अगस्त) भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से नेपाल के रसुवा जिले में बड़े पैमाने पर तबाही हुई। टिमुरे और आसपास के इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के पानी ने कई वाहन और सामान बहा दिए। कई जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। बचाव अभियान मुश्किल परिस्थितियों के बीच जारी है।
इस तबाही की असली वजह तिब्बत में हिमस्खलन के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। तिब्बत से निकलकर नेपाल में बहने वाली भोटेकोशी नदी का पानी अचानक बढ़ गया। इसके बाद, नेपाल के रसुवा जिले में प्रलय छा गया। इसका सीधा असर, नेपाल से सटे बिहार के 8 जिलों पर पड़ने लगा है।
105 भारतीयों समेत सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर
नेपाल पर्यटन बोर्ड की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में 384 यात्री लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय और 37 एनआरआई भी शामिल बताए गए हैं। हालांकि, यह शुरुआती आंकड़ा है और अधिकारियों की ओर से लोगों की स्थिति की पुष्टि की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, लापता भारतीयों में बड़ी संख्या उन यात्रियों की है जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इस इलाके से गुजर रहे थे। अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के जरिए उनकी जानकारी सत्यापित की जा रही है।
नेपाल में भारतीयों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं।
भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन:
- +977 985 131 6807
- +977 970 910 7500
इन नंबरों पर प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़ी सहायता और जानकारी ली जा सकती है।
भारतीय दूतावास नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के प्रयासों में समन्वय कर रहा है।
मौतों का आंकड़ा लगातार बदल रहा
बाढ़ के बाद शुरुआती रिपोर्टों में सात से आठ मौतों की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बचाव अभियान जारी रहने के साथ आंकड़े बदल रहे हैं। नेपाल के सरकारी आंकड़ें बता रहे हैं कि अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जो आगे भी बढ़ सकती है। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हैं। कई इलाकों में बाढ़ के पानी और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत दलों को पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।