नीट पीजी की नई सीटें शुरू करने और पहले से संचालित पाठ्यक्रमों में सीट बढ़ाने पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने चार बिंदुओं पर कॉलेज प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है।
धनबाद मेडिकल कॉलेज (एसएनएमएमसी) में पीजी की नई सीटें शुरू करने और पहले से संचालित पाठ्यक्रमों में सीट बढ़ाने पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने चार बिंदुओं पर कॉलेज प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा है। इसको लेकर गुरुवार को प्राचार्य डॉ आरके महतो की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में अधिकारियों की बैठक हुई। मौके पर एनएमसी के सभी बिंदुओं का जवाब भेजने का निर्णय लिया गया। एनएमसी ने पैथोलॉजी विभाग में प्रोफेसर नहीं होने, ऑर्थोपेडिक विभाग में दो की जगह एक प्रोफेसर होने, विवि का नाम विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग की बजाए बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) होने और ओपीडी में मरीजों की संख्या कम होने को लेकर स्पष्टीकरण मांगे हैं।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार जिस समय पीजी के लिए आवेदन किया गया था, उस समय कुछ कमियां थीं। अब ये कमियां दूर हो गई हैं। पैथोलॉजी विभाग में प्रोफेसर का पद रिक्त था, जिसपर पूर्व प्राचार्य डॉ ज्योति रंजन की बहाली हो गई है। वहीं ऑर्थोपेडिक विभाग में डॉ विजय प्रताप सिन्हा पहले एकमात्र प्रोफेसर थे। अब डॉ डीपी भूषण के प्रोफेसर के रूप में सेवा देने से विभाग में दो प्रोफेसर हो गए हैं। विश्वविद्यालय से जुड़े बिंदु पर कॉलेज प्रबंधन एनएमसी को बताएगा कि धनबाद मेडिकल कॉलेज को पहले विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से संबद्धता प्राप्त थी। धनबाद में बीबीएमकेयू की स्थापना के बाद कॉलेज की संबद्धता अब बीबीएमकेयू से हो गई है, इसलिए आवेदन में विश्वविद्यालय का नाम बदला गया है। ओपीडी रजिस्ट्रेशन कम होने के मामले में प्रबंधन का कहना है कि काफी मरीजों का रजिस्ट्रेशन ऑफलाइन भी किया जाता है। इनकी संख्या जोड़ने से ये कमी भी दूर हो जाएगी।
एक-दो दिनों में एनएमसी को भेजा जाएगा जवाब
सवाल 1 : पैथोलॉजी में प्रोफेसर नहीं।
जवाब : प्रोफेसर की बहाली हो चुकी है।
सवाल 2 : आर्थोपेडिक में दो की बजाए सिर्फ एक प्रोफेसर।
जवाब : एक और प्रोफेसर की नियुक्ति हो गई है।
सवाल 3 : यूनिवर्सिटी का नाम विनोबा भावे यूनिवर्सिटी हजारीबाग के स्थान पर बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी (बीबीएमकेयू) होना
जवाब : संबद्धता अब बीबीएमकेयू से हो गई है।
सवाल 4 : ओपीडी में मरीजों की संख्या कम होना।
जवाब : काफी संख्या में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी होता है।
धनबाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आरके महतो की अध्यक्षता में अधिकारियों की हुई बैठक, एनएमसी के सभी बिंदुओं का जवाब भेजने का निर्णय लिया गया
तीन विभागों में पीजी शुरू करने की तैयारी: बता दें कि धनबाद मेडिकल कॉलेज पैथोलॉजी, पीडियाट्रिक, नेत्र रोग और एनेस्थीसिया विभाग में पीजी की पढ़ाई शुरू करने के लिए एनएमसी को आवेदन दिया है। इसके अलावा पहले से संचालित गायनी, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक विभाग में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया गया है। आवेदन के आधार पर एनएमसी ने स्पष्टीकरण मांगा है। कॉलेज प्रबंधन को उम्मीद है कि कमियों की जानकारी और उनके दूर होने का जवाब भेजे जाने के बाद पीजी विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।