CBI के मुताबिक, एजेंसी ने 1 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया था.आरोप है कि CPWD मुंबई के कार्यकारी अभियंता ने वडाला स्थित जमीन पर NOC जारी करने के लिए 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी.

CBI के मुताबिक, एजेंसी ने 1 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया था.आरोप है कि CPWD मुंबई के कार्यकारी अभियंता ने वडाला स्थित जमीन पर NOC जारी करने के लिए 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी.

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुंबई में रिश्वतखोरी के एक मामले में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के कार्यकारी अभियंता, उसके एक रिश्तेदार और मुंबई स्थित एक रियल एस्टेट ग्रुप के तीन अधिकारियों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामला मुंबई के वडाला इलाके की एक जमीन के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के बदले रिश्वत मांगने से जुड़ा है.

1 करोड़ की रिश्वत मांगी, 70 लाख में सौदा

CBI के मुताबिक, एजेंसी ने 1 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया था. आरोप है कि CPWD मुंबई के कार्यकारी अभियंता ने वडाला स्थित जमीन पर NOC जारी करने के लिए 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी. बाद में रकम घटाकर 70 लाख रुपये तय की गई.

आरोप है कि कार्यकारी अभियंता ने अपने पुणे निवासी रिश्तेदार के जरिए यह रकम मांगी थी. संबंधित जमीन पर एक रियल एस्टेट ग्रुप निर्माण परियोजना शुरू करना चाहता था और इसके लिए उसे CPWD से NOC की जरूरत थी.

50 लाख रुपये लेते रिश्तेदार को रंगे हाथ पकड़ा

CBI ने 1 अक्टूबर को जाल बिछाकर कार्रवाई की. जांच एजेंसी ने कार्यकारी अभियंता के रिश्तेदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया. आरोप है कि उसने यह रकम रियल एस्टेट ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट से कार्यकारी अभियंता की ओर से स्वीकार की थी. इसके बाद CBI ने नवी मुंबई के वाशी इलाके में कार्यकारी अभियंता को भी गिरफ्तार कर लिया. वह कथित तौर पर रिश्वत की रकम हासिल करने के लिए वहां इंतजार कर रहा था. रिश्वत के लेन-देन के दौरान मौजूद रियल एस्टेट ग्रुप के एक मैनेजर और NOC हासिल करने वाली फर्म के एक पार्टनर को भी गिरफ्तार किया गया.

NOC जारी करने के बाद 20 लाख रुपये और देने थे

जांच में सामने आया कि 50 लाख रुपये के भुगतान के बाद NOC जारी कर दिया गया था, लेकिन इस NOC की एंट्री डिस्पैच रजिस्टर में नहीं की गई थी. CBI के अनुसार, रिश्वत की कुल तय रकम 70 लाख रुपये थी. इसमें से 50 लाख रुपये का भुगतान हो चुका था, जबकि बाकी 20 लाख रुपये एक सप्ताह बाद दिए जाने थे.

मुंबई, नवी मुंबई और पुणे में छापेमारी

गिरफ्तारियों के बाद CBI ने आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के मुंबई, नवी मुंबई और पुणे स्थित परिसरों की तलाशी ली. तलाशी के दौरान 50 लाख रुपये की रिश्वत की रकम के अलावा करीब 53.87 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. इसके साथ ही अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं.

सभी पांच आरोपी गिरफ्तार

CBI ने मामले में CPWD के कार्यकारी अभियंता, उसके रिश्तेदार, रियल एस्टेट ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट, मैनेजर और NOC से जुड़ी फर्म के पार्टनर समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों को शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई की विशेष CBI अदालत में पेश किया जा रहा है. CBI ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है.

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