Sep 09, 2026 06:32 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

मुख्य बातें
- NSE के IPO की संभावित कीमत 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर के बीच रहने की चर्चा है
- यह अनलिस्टेड मार्केट में पिछले एक साल से चल रहे 1,950 से 2,200 रुपये के भाव से कम है
- ऐसे में ऊंचे दाम पर NSE के अनलिस्टेड शेयर खरीदने वाले निवेशकों को शुरुआती दौर में कागजी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है

NSE के IPO की संभावित कीमत 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर के बीच रहने की चर्चा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO अब लॉन्च के करीब माना जा रहा है, लेकिन इससे पहले अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर खरीदने वाले निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार NSE अपने IPO के लिए प्रति शेयर 1,700 से 1,785 रुपये के आसपास प्राइस बैंड तय कर सकता है। यह संभावित कीमत पिछले एक साल में अनलिस्टेड मार्केट में NSE शेयरों के कारोबार के स्तर से कम है। अनलिस्टेड बाजार में NSE के शेयर करीब 1,950 से 2,200 रुपये के दायरे में ट्रेड होते रहे हैं। ऐसे में ऊंचे दाम पर शेयर खरीदने वाले निवेशकों को कागजी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE का IPO सितंबर के दूसरे हिस्से में खुल सकता है और इसके बाद जल्द ही शेयर बाजार में लिस्टिंग संभव है। हालांकि, अंतिम प्राइस बैंड और IPO की तारीख कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अगर IPO वास्तव में 1,700 से 1,785 रुपये के दायरे में आता है, तो उन निवेशकों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जिन्होंने अनलिस्टेड मार्केट से 2,000 रुपये या उससे अधिक कीमत पर शेयर खरीदे थे।
NSE लंबे समय से भारत के अनलिस्टेड शेयर बाजार का सबसे लोकप्रिय नाम रहा है। देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज होने के कारण इसमें निवेशकों की दिलचस्पी काफी अधिक रही। कई लोगों ने यह सोचकर शेयर खरीदे कि IPO आने के बाद कंपनी की मजबूत स्थिति और बाजार में उसकी पकड़ के कारण लिस्टिंग पर बड़ा फायदा मिल सकता है। लेकिन, संभावित IPO प्राइसिंग ने निवेशकों की उम्मीदों को बदल दिया है।
यह मामला अनलिस्टेड शेयरों में निवेश के जोखिम को भी सामने लाता है। इन शेयरों में लिक्विडिटी कम होती है और कीमतें अक्सर IPO की उम्मीद, सीमित शेयर सप्लाई और निवेशकों की मांग के आधार पर तेजी से बदल सकती हैं। कई बार IPO की खबर आते ही शेयरों की कीमत काफी बढ़ जाती है, लेकिन जब वास्तविक IPO प्राइस तय होता है, तो वह अनलिस्टेड मार्केट की कीमत से कम निकल सकता है।
NSE का IPO भारतीय पूंजी बाजार की सबसे चर्चित लिस्टिंग में से एक हो सकता है। सालों से नियामकीय और कानूनी कारणों के चलते कंपनी की लिस्टिंग योजना में देरी होती रही, लेकिन अब यह इंतजार बहुत जल्द खत्म होने वाला है।