Sep 07, 2026 10:00 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • देश के प्रमुख शेयर बाजार का संचालन करने वाली कंपनी एनएसई ने इस साल 17 जून को सेबी के पास मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे
  • इस आईपीओ के सितंबर महीने में ही लॉन्च होने की उम्मीद है
NSE IPO: ग्रे मार्केट में ₹300 तक प्रीमियम, सरकारी बीमा कंपनियों की बल्ले-बल्ले

एनएसई आईपीओ का इंतजार खत्म

NSE IPO news: मोस्ट अवेटेड नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) आईपीओ का इंतजार खत्म हो गया है। बीते सप्ताह में ही इस आईपीओ को सेबी से मंजूरी मिली है। आईपीओ के इश्यू प्राइस और लिस्टिंग डेट का ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन ग्रे मार्केट में इसे तगड़ा रेस्पॉन्स मिल रहा है। स्टॉक एक्सचेंज का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹150-₹180 प्रति शेयर से बढ़कर ₹280-₹300 प्रति शेयर तक पहुंच चुका है। वहीं, अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर अब 2000 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर हैं। बता दें कि अनलिस्टेड प्राइस वह कीमत है जिस पर लिस्टिंग से पहले कंपनी के मौजूदा शेयरों का लेन-देन होता है जबकि GMP वह प्रीमियम है जो निवेशक लिस्टिंग से पहले शेयरों के लिए IPO प्राइस या अनुमानित इश्यू प्राइस से ज्यादा देने को तैयार होते हैं।

सरकारी बीमा कंपनियों को होगा बड़ा फायदा

हालांकि, एक्सपर्ट एनएसई IPO का प्राइस बैंड ₹1800 प्रति शेयर रहने का अनुमान लगा रहे हैं। प्रस्तावित IPO में 40 मिलियन शेयर बेचकर पांच सरकारी बीमा कंपनियों को लगभग ₹7200 करोड़ का बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इस लिस्ट में जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया सबसे आगे है। इसके अलावा, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया और ओरिएंटल इंश्योरेंस का नंबर आता है।

इन कंपनियों ने एनएसई के शेयर ₹6.8 करोड़ में खरीदे थे और अब IPO से उन्हें दूसरी तिमाही में भारी मुनाफा होने की उम्मीद है। बता दें कि जनरल इंश्योरेंस कॉर्प, नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया एक्सचेंज के शुरुआती निवेशकों में शामिल थीं।

अपने शेयर नहीं बेच रही LIC

बता दें कि NSE की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर LIC अपने शेयर नहीं बेच रही है। इस कंपनी के पास 10.72% हिस्सेदारी है। इन पांच बीमा कंपनियों की कुल हिस्सेदारी लगभग 6.7% से घटकर 5.1% रह जाएगी।

आईपीओ की डिटेल

एनएसई का आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा। इसमें मौजूदा शेयरधारक करीब छह प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। मसौदा दस्तावेज के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) आईपीओ में 2.48 करोड़ तक शेयर बेचेगा, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगी।

ओएफएस होने की वजह से इससे जुटाई गई राशि एनएसई को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी। इस इश्यू के 15 सितंबर को खुलने और 24-25 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना है। करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाने की स्थिति में एनएसई अक्टूबर 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,858.75 करोड़ रुपये के आईपीओ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देगा।