Sep 15, 2026 12:36 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

मुख्य बातें
- NSE IPO: मार्केट के निगेटिव सेंटीमेंट को देखते और निवेशकों के लिए आकर्षक बनाने के लिए एनएसई के प्राइस बैंड अनलिस्टेड मार्केट की तुलना में कम रखा गया है

NSE IPO Price Band: इसी हफ्ते एनएसई का आईपीओ खुलने जा रहा है।
NSE IPO: एनएसई का आईपीओ कल 16 सितंबर को एंकर निवेशकों के लिए खुल जाएगा। वहीं, 17 सितंबर से आईपीओ पर रिटेल निवेशक भी दांव लगा पाएंगे। कंपनी ने आईपीओ के लिए 1700 रुपये से 1785 रुपये प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया है। जोकि अनिस्टेड मार्केट की तुलना में 10 प्रतिशत कम है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सचमुच एनएसई का आईपीओ सस्ते कीमत पर आ रहा है?
साइज में हुई कटौती
एनएसई के आईपीओ का साइज पहले 30,000 करोड़ रुपये होने वाला था। लेकिन अब इसे घटाकर 22560 करोड़ रुपये कर दिया गया है। शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति और निवेशकों के बीच आईपीओ को आकर्षक बनाए रखने के लिए एनएसई के मैनेजमेंट ने यह फैसला किया है।
क्या बीएसई के मुकाबले सस्ता है आईपीओ?
वित्त वर्ष 2026 एनएसई का प्राइस-टू-अर्निंग का मल्टीपल 43 है। वहीं, बीएसई का 56 है। इस हिसाब से 23 प्रतिशत सस्ता नजर आ रहा है। लेकिन चालू वित्त वर्ष के पहले क्वार्टर में तस्वीर पूरी बदल जाती है। एनएसई का प्रॉफिट सालाना आधार पर जून में 11 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं, बीएसई का 65 प्रतिशत बढ़ा है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार यह ट्रेंड पूरे सालभर देखने को मिल सकता है।
हालांकि, कैश और डेरिवेटव ट्रेडिंग वैल्यूम्स में अब भी एनएसई लीडर बना हुआ है। चिंता की एक बात यह है कि बीएसई के पास जहां वित्तीय स्थिति और बेहतर करने के कई विकल्प हैं तो वहीं एनएसई की अपनी सीमा है। उदाहरण के तौर पर ऑप्शन ट्रांजैक्शन को अगर देखें। बीएसई यहां 3250 करोड़ रुपये चार्ज कर रहा है। जबकि एनएसई 3550 करोड़ रुपये ले रहा है। ऐसे में बीएसई के पास रेवन्यू बढ़ाने का विकल्प है। वहीं, फ्यूचर्स वैल्यूम में गिरावट होने पर एनएसई की कमाई पर असर पड़ेगा।
एनएसई मौजूदा समय में इंडेक्स फ्यूचर्स और स्टॉक फ्यूचर्स ट्रांजैक्शन पर 183 करोड़ रुपये चार्ज कर रहा है। लेकिन बीएसई ने अब भी इसे फ्री रखा है। अगर बीएसई की तरफ से शुल्क वसूला गया तो उससे उसकी कमाई बढ़ेगी। बता दें, बीएसई के पास कैश मार्केट में भी हिस्सेदारी बढ़ाने का विकल्प है।
NSE कैसे बदल सकता है खेल?
एनएसई को अपनी कमाई का जरिया बढ़ाना होगा। इसके लिए इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट फिर से ग्रोथ हासिल करना होगा। पहली तिमाही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कुल रेवन्यू में 11 प्रतिशत योगदान डाटा सर्विसेज का है। जोकि दुनिया के अन्य एक्सचेंज की तुलना में अधिक चार्ज होने के बाद है।
क्या एनएसई के आईपीओ पर दांव लगाना चाहिए?
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फार सेल पर आधारित है। ऐसे में निवेशक इसमें हिस्सा लेने से पहले यह सोच लें कि आगे की ग्रोथ पूरी तरह से भविष्य में होने वाली कमाई पर निर्भर करेगा। अगर कमाई बढ़ती है तो स्टॉक अच्छा प्रदर्शन करेगा।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singh
तरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।
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