मध्य प्रदेश सरकार ने बहुदलीय बैठकों और ओबीसी संगठनों के साथ चर्चा के बाद, ओबीसी आरक्षण को संबोधित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (Special Leave Petition) दायर की है। इस कदम का उद्देश्य संवैधानिक प्रावधानों की रक्षा करना है और 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के लिए एक न्यायसंगत, तार्किक समाधान सुनिश्चित करना है, जिसमें चल रही कानूनी और राजनीतिक भागीदारी शामिल है।
By Oneindia Staff
Published: Friday, October 16, 2026, 22:31 [IST]
भोपाल, 16 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ओबीसी महासभा के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य सरकार ओबीसी वर्ग के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर न्यायसंगत और तार्किक समाधान निकालने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े न्यायालय के फैसले का बिंदुवार अध्ययन कर राज्य सरकार का पक्ष सुप्रीम कोर्ट के सामने मजबूती से रखने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में शुक्रवार शाम मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता कार्यालय की ओर से ‘स्टेट ऑफ एमपी बनाम आशिता दुबे एवं अन्य’ मामले में SLP दायर की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओबीसी आरक्षण का विषय प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार इस मामले को टालने के बजाय इसका उचित समाधान निकालने के उद्देश्य से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर सरकार की नीति और नीयत स्पष्ट है।
सर्वदलीय बैठक और OBC संगठनों से हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। इसके साथ ही ओबीसी संगठनों से बातचीत कर न्यायालय के समक्ष सरकार का पक्ष रखने के प्रयास किए गए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्यायसंगत और तार्किक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।
27% आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर सौंपा ज्ञापन
ओबीसी महासभा के प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री को मध्य प्रदेश में ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण पर हाईकोर्ट के 9 अक्टूबर 2026 के फैसले के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में अद्यतन आंकड़ों के आधार पर संवैधानिक समाधान निकालने और ओबीसी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने की मांग रखी गई।
दिल्ली और ग्वालियर की ओबीसी महासभा के प्रतिनिधि मिले
मुख्यमंत्री से ओबीसी महासभा, दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल ने एडवोकेट वैभव सिंह और इंजीनियर महेंद्र सिंह लोधी के नेतृत्व में मुलाकात की। वहीं, ओबीसी महासभा, ग्वालियर के प्रतिनिधिमंडल ने महासभा के संस्थापक विजय कुमार, प्रदेश प्रभारी जीतू लोधी और प्रदेशाध्यक्ष गिरिराज धाकड़ के नेतृत्व में अपना पक्ष रखा। बैठक में ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दों, संवैधानिक समाधान और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा पर चर्चा हुई।
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