Thu, 17 Sep 2026 06:30 PM IST
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Thu, 17 Sep 2026 06:30 PM IST
सार
FASTag (फास्टैग) उपयोगकर्ताओं के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक अहम सुविधा शुरू की है। NHAI की ‘OneTag’ फास्टैग पोर्टेबिलिटी सेवा अब राजमार्गयात्रा एप पर उपलब्ध है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुरुवार को एलान किया है कि उसकी नई फास्टैग पोर्टेबिलिटी सेवा 'OneTag' अब आधिकारिक 'राजमार्गयात्रा' (Rajmargyatra) एप पर लाइव कर दी गई है। इस सुविधा की मदद से वाहन मालिक अपनी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगे पुराने फास्टैग स्टिकर को हटाए बिना ही अपना इश्यूअर बैंक (जारीकर्ता बैंक) आसानी से बदल सकते हैं।
Fastag - फोटो : Adobe stock
राजमार्गयात्रा एप के जरिए फास्टैग पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया क्या है?
राजमार्गयात्रा एप यूजर्स को फास्टैग पोर्टेबिलिटी की पूरी प्रक्रिया में स्टेप-बाय-स्टेप गाइड करता है।
एनएचएआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, फास्टैग पोर्टिंग की प्रक्रिया इस तरह है:
- पात्रता की जांच: यूजर्स को राजमार्गयात्रा एप पर लॉगिन करके अपना वाहन पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा।
- ओटीपी वेरिफिकेशन: वर्तमान इश्यूअर बैंक द्वारा यूजर के मोबाइल पर 6-अंकों का 'मोबाइल वेरिफिकेशन कोड' भेजा जाएगा।
- नया बैंक चुनना: वेरिफिकेशन के बाद यूजर को अपने मनपसंद नए जारीकर्ता बैंक को चुनना होगा।
- वॉलेट ऑनबोर्डिंग: नए बैंक के साथ ग्राहक सत्यापन (केवाईसी) और वॉलेट ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करते ही पोर्टेबिलिटी पूरी हो जाएगी।
Toll plaza - फोटो : Adobe Stock
पुराने वॉलेट में बचे हुए बैलेंस और रिफंड का क्या होगा?
एनएचएआई ने साफ किया है कि जैसे ही पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया पूरी होगी, पिछला जारीकर्ता बैंक संबंधित फास्टैग वॉलेट को बंद कर देगा। लागू होने वाले आवश्यक समायोजनों के बाद, वॉलेट में उपलब्ध शेष राशि (बैलेंस) ग्राहक को रिफंड कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Toll plaza - फोटो : Adobe Stock
क्या फास्टैग को बार-बार पोर्ट कराया जा सकता है?
नहीं, फास्टैग पोर्टेबिलिटी को लेकर एनएचएआई ने एक समय-सीमा तय की है। इंटरऑपरेबल फास्टैग में 6 महीने का कूलिंग पीरियड लागू रहेगा। इसका मतलब यह है कि एक बार पोर्टेबिलिटी कराने के बाद यूजर अगले 6 महीनों तक दोबारा बैंक नहीं बदल सकेंगे।
विज्ञापन
Toll plaza - फोटो : Adobe Stock
'OneTag' सुविधा शुरू करने से क्या-क्या फायदे होंगे?
एनएचएआई के अनुसार, 'OneTag' पहल से फास्टैग लाइफसाइकिल मैनेजमेंट में बड़ा सुधार आएगा:
- लागत में कमी: बार-बार नए टैग के निर्माण, डिस्पैचिंग और री-इश्यूएंस के खर्च में भारी कमी आएगी, जिससे ऑपरेशनल कॉस्ट घटेगी।
- ग्राहकों की सुविधा: बैंक बदलने का अनुभव आसान होगा, ग्राहकों को बेहतर सेवा चुनने का विकल्प मिलेगा और डिजिटल टोल इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा सक्षम व कुशल बनेगा।