Aug 12, 2026 07:07 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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Oracle AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है, लेकिन बढ़ते खर्च और कर्ज के बीच कंपनी एक बार फिर कर्मचारियों की संख्या घटाने की तैयारी में है। संकेत मिले हैं कि हजारों कर्मचारियों की नौकरियां जा सकती हैं। 

Oracle Layoffs

Oracle ने मैनेजर्स से उन कर्मचारियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है।

AI की रेस में भारी निवेश कर रही अमेरिकी टेक कंपनी Oracle अब लागत घटाने के लिए एक बार फिर कर्मचारियों की संख्या कम करने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अगस्त में नई छंटनी की योजना बना रही है। कुछ टीमों में कर्मचारियों की संख्या में दो अंकों के प्रतिशत तक कटौती हो सकती है। यानी हजारों नौकरियां जाना लगभग तय माना जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, Oracle ने मैनेजर्स से उन कर्मचारियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है, जिनकी नौकरी जा सकती है। कंपनी का लक्ष्य नए फाइनेंशियल क्वार्टर की शुरुआत यानी 1 सितंबर से पहले अपने पेरोल खर्च को कम करना है। हालांकि, यह जानकारी रिपोर्ट और सूत्रों पर आधारित है और Oracle की ओर से इन संभावित छंटनियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पहले ही 21 हजार कर्मचारियों की जा चुकी है नौकरी

Oracle के लिए यह पहली बड़ी छंटनी नहीं होगी। कंपनी के वित्तीय वर्ष 2026 में उसके कर्मचारियों की संख्या करीब 21,000 यानी लगभग 13 प्रतिशत कम हुई थी। इसके बाद कंपनी में लगभग 1.41 लाख कर्मचारी रह गए हैं। अब कुछ ही महीनों के भीतर नई छंटनी की खबर ऐसे समय आई है, जब Oracle AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से पैसा खर्च कर रही है। कंपनी AI मॉडल्स की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर, चिप्स और कंप्यूटिंग क्षमता तैयार कर रही है।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 55.7 अरब डॉलर खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक, Oracle ने वित्तीय वर्ष 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 55.7 अरब डॉलर खर्च किए। इसमें नए डेटा सेंटर बनाने और AI से जुड़ी कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने का खर्च शामिल है। इस दौरान कंपनी का कैश खर्च उसके कैश इनफ्लो से करीब 23.7 अरब डॉलर अधिक रहा। यानी AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए Oracle को बड़ी मात्रा में बाहरी फंडिंग की जरूरत पड़ी।

AI की कीमत चुकाने के लिए बढ़ा कर्ज

Oracle ने वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 43 अरब डॉलर का कर्ज जुटाया। इसके अलावा कंपनी ने लगभग 5 अरब डॉलर स्टॉक बेचकर जुटाए। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा वित्तीय वर्ष में Oracle कर्ज और इक्विटी के जरिए लगभग 40 अरब डॉलर और जुटाने की योजना बना रही है। यही वजह है कि कंपनी के AI विस्तार के साथ उसकी फाइनेंशियल कंडीशन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

बता दें, Oracle की स्थिति टेक इंडस्ट्री में चल रहे एक बड़े बदलाव को भी दिखाती है। एक तरफ कंपनियां AI के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं और क्लाउड कंप्यूटिंग की क्षमता बढ़ा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है।

नौकरी जाने पर भारतीयों को कितना मिलेगा?

भारत में Oracle के कर्मचारियों के लिए संभावित मुआवजे में अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, हर पूरे साल की सेवा पर करीब 15 दिन की बेस सैलरी, एक महीने का नोटिस पे, बकाया वेतन, छुट्टियों का पेमेंट और एलिजिबल कर्मचारियों को ग्रेच्युटी मिल सकती है। पिछली छंटनी में सहमति से इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों के लिए दो महीने की एक्सट्रा सैलरी की बात भी कही गई थी। हालांकि, नई छंटनी में इस पैकेज की शर्तें अलग हो सकती हैं।

लेखक के बारे में

Pranesh Tiwari

प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।

विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता, रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।

अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।

लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।

चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।

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