प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 देने के लिए गोरखपुर पहुंचे अभ्यर्थियों की भीड़ से रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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शनिवार रात रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गए। ट्रेनों में पहले से ही भीड़ होने के कारण कई अभ्यर्थियों को रास्तेभर धक्का-मुक्की झेलनी पड़ी।
स्टेशन पहुंचने के बाद भी राहत नहीं मिली। बैठने की जगह नहीं मिलने पर कई अभ्यर्थी रात में स्टेशन के बाहर जमीन पर सोते नजर आए। किसी ने मच्छरों के बीच रात गुजारी तो कोई सुबह की परीक्षा की तैयारी में जुटा रहा।
अभ्यर्थियों का कहना था कि जब ट्रेन में बैठने तक की जगह नहीं मिली तो स्टेशन पर भी उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखी।
जिले में 25 और 30 अक्टूबर तथा एक नवंबर को होने वाली पीईटी के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। परीक्षा के लिए बनाए गए 52 केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
जीआरपी और आरपीएफ की टीमें स्टेशन पर मुस्तैद हैं। शनिवार रात पुलिस बल ने गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस का जोर परीक्षा केंद्रों के साथ परिवहन स्थलों पर भी भीड़ को नियंत्रित करने और सतर्कता बनाए रखने पर है।
प्लेटफॉर्म नंबर एक पर होल्डिंग एरिया, गेट पर सहायता केंद्र
अभ्यर्थियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर होल्डिंग एरिया बनाया गया है। एंट्री गेट पर जीआरपी के जवान परीक्षा हेल्प सेंटर का डिस्प्ले लगाकर बैठे हैं, ताकि अभ्यर्थियों को जरूरत पड़ने पर सहायता मिल सके। वहीं, गेट नंबर चार से प्रवेश करते ही कैंट थाने की पुलिस भी सहायता के लिए तैनात है।
स्टेशन पर सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किए गए हैं, लेकिन अभ्यर्थियों की शिकायत है कि रात गुजारने के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। दूर-दराज के जिलों से आए परीक्षार्थियों को सुबह की पाली में परीक्षा देने से पहले ही सफर की थकान और नींद पूरी नहीं होने की चिंता सता रही है।
'मच्छर काट रहे, सुबह पेपर है, नींद नहीं पूरी होगी तो कैसे देंगे'
बलिया से परीक्षा देने पहुंचे राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मैं पीईटी का पेपर देने गोरखपुर आए हैं ।यहां अभ्यर्थियों के लिए उचित व्यवस्था नहीं की गई है। रात किसी तरह गुजारनी पड़ रही है। स्टेशन पर मच्छरों की वजह से परेशानी हो रही है।
सुबह की पाली मेरा परीक्षा है। ऐसे में अगर नींद पूरी नहीं होगी तो परीक्षा कैसे दे पाएंगे। उन्होंने बताया कि गोरखपुर आते समय ट्रेन में भी काफी भीड़ थी और रास्तेभर परेशानी झेलनी पड़ी।
'ट्रेन के गेट पर खड़े होकर करना पड़ रहा सफर'
महराजगंज से परीक्षा देने जा रहे एक युवक ने बताया कि ट्रेन में इतनी भीड़ है कि अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही। युवक ने बताया कि ट्रेन में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तक भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर हैं। युवक ने बताया यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि हालात संभालना मुश्किल हो रहा है।
बनारस से गोरखपुर पहुंचे जैकेस ने बताया कि ट्रेन में सफर के दौरान काफी परेशानी हुई। बैठने की व्यवस्था नहीं थी और साफ-सफाई भी ठीक नहीं थी। पूरे रास्ते दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर आने वाले अभ्यर्थियों को सफर के दौरान ही काफी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं।
'हजारों बच्चे स्टेशन पर, रात गुजारने के लिए जगह नहीं'
गाजीपुर के रहने वाले राम आशीष यादव ने बताया कि मैं प्रयागराज से ट्रेन पकड़कर गोरखपुर आया हूं। ट्रेन में इतनी धक्का-मुक्की थी कि सफर करना मुश्किल हो गया। स्टेशन पहुंचने के बाद भी बैठने के लिए उचित व्यवस्था नहीं मिली। उन्होंने कहा कि रातभर समय बिताना है और स्टेशन पर हजारों अभ्यर्थी पहुंच चुके हैं। ऐसे में रात गुजारना मुश्किल हो रहा है।
रेलवे चला रहा पांच जोड़ी ट्रेनें, जरूरत पर बढ़ेगी संख्या
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार ने दैनिक भास्कर को बताया कि पीईटी के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पांच जोड़ी ट्रेनें चलाई जा रही हैं। स्टेशन पर होल्डिंग एरिया भी बनाया गया है। वार रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
52 केंद्रों पर सुरक्षा, स्टेशन और बस अड्डों पर भी निगरानी
पीईटी को देखते हुए जिले के 52 परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। जीआरपी और आरपीएफ के जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं।
शनिवार रात पुलिस बल ने गश्त कर व्यवस्था का जायजा लिया। परीक्षा के दिनों में भीड़ नियंत्रण, अभ्यर्थियों की सुरक्षा और परिवहन स्थलों पर सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।