Sep 09, 2026 11:38 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

मुख्य बातें
- यह मामला फ्लीट मैरीटाइम सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के एक रिटायर्ड कर्मचारी से जुड़ा है
- अब इस कर्मचारी को 14 लाख रुपये से ज्यादा के प्रोविडेंट फंड क्लेम को निपटाने में हुई 35 दिन की देरी के लिए ईपीएफओ 6 प्रतिशत ब्याज देगा

ईपीएफओ को झटका
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को एक रिटायर्ड कर्मचारी के PF क्लेम के निपटारे में देरी करना भारी पड़ गया है। दरअसल, एक कंज्यूमर कोर्ट ने EPFO को निर्देश दिया है कि वह एक रिटायर्ड कर्मचारी को 14 लाख रुपये से ज्यादा के प्रोविडेंट फंड क्लेम को निपटाने में हुई 35 दिन की देरी के लिए 6 प्रतिशत ब्याज दे। आइए समझ लेते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है?
क्या है मामला?
दरअसल, यह मामला फ्लीट मैरीटाइम सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के एक रिटायर्ड कर्मचारी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने 19 अक्टूबर 2016 को सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना PF क्लेम जमा किया था। उसका कहना था कि EPFO ने निर्धारित समय के भीतर क्लेम का निपटारा नहीं किया। इसके बचान में ईपीएफओ के तर्क को खारिज करते हुए मुंबई सबअर्बन डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश दिया। कोर्ट ने ईपीएफओ को EPF स्कीम, 1952 के तहत तय 20 दिन की समय-सीमा में क्लेम न निपटा पाने के लिए सर्विस में कमी का दोषी ठहराया। अब कंंज्यूमर कोर्ट ने EPFO को आदेश का पालन करने के लिए 45 दिनों का समय दिया है। कहने का मतलब है कि इस अवधि के भीतर संगठन को आदेश के मुताबिक ब्याज का भुगतान करना होगा।
EPFO का क्या है तर्क?
हालांकि, EPFO ने तर्क दिया कि उसने ओरिजिनल क्लेम के साथ जरूरी जॉइंट डिक्लेरेशन जमा नहीं किया था। EPFO ने आयोग के सामने बताया कि इस कारण क्लेम 7 नवंबर 2016 को वापस कर दिया गया था। संगठन के मुताबिक, उसे पूरे दस्तावेजों का सेट बाद में 2 दिसंबर 2016 को मिला और इसके बाद क्लेम को 14 दिसंबर 2016 को 20 दिनों के भीतर निपटा दिया गया। हालांकि, EPFO की इस दलील को स्वीकार नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर EPFO यह संतोषजनक तरीके से साबित नहीं कर पाया कि उस तारीख को क्लेम अधूरा था। ऐसे में संगठन को उसी समय से क्लेम की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी।
35 दिन की देरी पर मिलेगा ब्याज
कंज्यूमर कोर्ट ने EPFO को ₹14,06,272 की क्लेम राशि पर 6 फीसदी सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है। यह ब्याज 35 दिनों की देरी के लिए दिया जाएगा। यह देरी 9 नवंबर 2016 से 13 दिसंबर 2016 की अवधि में की गई थी। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी माना कि रिटायरमेंट के बाद PF जैसी जमा पूंजी पर निर्भर व्यक्ति को भुगतान में देरी होने से आर्थिक परेशानी हो सकती है। इसलिए समय पर रिटायरमेंट लाभ जारी करना बेहद महत्वपूर्ण है।