Aug 04, 2026 09:40 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, वडोदरा

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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत बन रहा वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन तेजी से आकार ले रहा है। प्लेटफॉर्म नंबर-7 के ऊपर बन रहे इस स्टेशन की डिजाइन बरगद के पेड़ की छाप लिए होगी। जानिए इसमें क्या-क्या सुविधाएं होंगी।

कैसा होगा भारत का बुलेट ट्रेन स्टेशन? डिजाइन में दिखेगी बरगद के पेड़ की छाप, देखें PHOTOS

भारत का वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन

देश के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम जारी है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर बन रहा वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन अब अपने अंतिम ढांचे की ओर बढ़ रहा है। इस स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत इसका अनोखा डिजाइन है, जिसमें भारत के राष्ट्रीय वृक्ष बरगद की छाप दिखाई देगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेशन यात्रियों को भारतीय रेलवे और बुलेट ट्रेन के बीच आसान और तेज कनेक्टिविटी भी देगा।

बरगद के पेड़ जैसी होगी डिजाइन

इस स्टेशन का आर्किटेक्चर बरगद के पेड़ की बनावट को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बरगद भारतीय संस्कृति में मजबूती, स्थायित्व और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। स्टेशन की बाहरी संरचना और डिजाइन में इसी अवधारणा की झलक देखने को मिलेगी।

प्लेटफॉर्म नंबर 7 के ऊपर बन रहा स्टेशन

वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन मौजूदा भारतीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 के ऊपर बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी परेशानी के भारतीय रेलवे से बुलेट ट्रेन तक पहुंचने की सुविधा देना है। स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच आसानी से आवाजाही हो सके।

निर्माणाधीन वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन

यात्रियों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक इंतजाम किए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं-

  • आरामदायक वेटिंग एरिया
  • बेबी केयर रूम
  • आधुनिक शौचालय
  • रिटेल आउटलेट और दुकानें
  • आसान प्रवेश और निकास की व्यवस्था
  • भारतीय रेलवे और बुलेट ट्रेन के बीच सहज इंटरचेंज

निर्माण कार्य कहां तक पहुंचा?

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के कॉनकोर्स, ट्रैक और प्लेटफॉर्म स्तर पर स्लैब कास्टिंग का काम पूरा हो चुका है। अब स्ट्रक्चरल स्टील लगाने का काम तेजी से चल रहा है। इससे साफ है कि स्टेशन का निर्माण लगातार आगे बढ़ रहा है।

निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का हिस्सा

वडोदरा स्टेशन देश की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, का अहम हिस्सा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद गुजरात और महाराष्ट्र के कई प्रमुख शहर हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। वडोदरा स्टेशन इस कॉरिडोर के प्रमुख स्टेशनों में शामिल होगा।

क्यों खास है यह स्टेशन?

वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं होगा, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, भारतीय सांस्कृतिक पहचान और हाई-स्पीड परिवहन का संगम भी होगा। बरगद के पेड़ से प्रेरित डिजाइन इसे दूसरे स्टेशनों से अलग पहचान देगा, जबकि आधुनिक सुविधाएं यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक बनाएंगी। यही वजह है कि यह स्टेशन देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के सबसे आकर्षक स्टेशनों में गिना जा रहा है।

लेखक के बारे में

Ratan Gupta

रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।

रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।

लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।

रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।

इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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