Pink Force For CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हो रही है. इसी को लेकर आज यानी कि 10 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर CJP पार्टी द्वारा प्रोटेस्ट किया जा रहा है. इस प्रोटेस्ट के लिए विशेष रूप से दिल्ली पुलिस की ओर से पिंक फोर्स तैनात की गई है. ऐसे में आज समझते हैं कि क्या है ये पिंक फोर्स और इसका गठन सबसे पहले कब और कहां हुआ था.

क्या है दिल्ली पुलिस की पिंक फोर्स?

पिंक फोर्स महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष महिला पुलिस यूनिट है. इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करना और पब्लिक प्लेस पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है. इस तरह की पुलिस टीम को खास तौर पर उन इलाकों में तैनात किया जाता है, जहां महिलाओं की आवाजाही ज्यादा होती है या सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है.

स्कूल, कॉलेज, बाजार, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन और दूसरे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऐसी टीमों की भूमिका अहम हो सकती है. छेड़छाड़ या उत्पीड़न जैसी शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिस टीम कार्रवाई करने में मदद करती है.

पिंक फोर्स का गठन सबसे पहले कब और कहां हुआ?

भारत में पिंक फोर्स की शुरुआत सबसे पहले गोवा (Goa) में हुई थी. 17 दिसंबर 2021 को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस विशेष महिला पुलिस इकाई की शुरुआत की थी. उस समय इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना और जरूरत के समय सहायता उपलब्ध कराना था.

शुरुआत में गोवा पुलिस की इस टीम में करीब 250 कर्मियों को शामिल किया गया था. इसे 24 घंटे काम करने के लिए तैयार किया गया था. पहले चरण में इसे राज्य के 11 पुलिस थानों के तहत तैनात किया गया, जिसके बाद दूसरे क्षेत्रों में भी इसका विस्तार करने की योजना थी.

गोवा के बाद इन जगहों पर शुरू हुई पिंक पुलिस फोर्स

गोवा के बाद दूसरे राज्यों में भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष महिला पुलिस यूनिट पर जोर दिया गया. दिल्ली में भी पिंक फोर्स (Pink Police Force in Delhi) की तैनाती इसी दिशा में एक कदम है. हालांकि, अलग-अलग राज्यों में ऐसी इकाइयों की जिम्मेदारियां, काम करने का तरीका और तैनाती की व्यवस्था अलग हो सकती है.

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि हाल के प्रदर्शनों में महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी की शिकायतें सामने आई थीं. ऐसे में पुलिस के सामने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी चुनौती है.

पिंक फोर्स का मुख्य काम क्या है?

  • महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई में मदद करना.
  • सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करना.
  • छेड़छाड़ और उत्पीड़न जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करना.
  • जरूरत पड़ने पर संबंधित पुलिस थाने और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना.
  • महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने और पुलिस तक शिकायत पहुंचाने में मदद करना.

पिंक फोर्स का मकसद सिर्फ घटनाओं के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने में मदद करना भी है, जिसमें महिलाएं सार्वजनिक जगहों पर खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें.

जनरल नॉलेज के 3 सवाल-जवाब

सवाल 1. भारत में पिंक फोर्स की शुरुआत सबसे पहले किस राज्य में हुई थी?

A. दिल्ली

B. गोवा

C. उत्तर प्रदेश

D. राजस्थान

सही जवाब: B. गोवा

सवाल 2. गोवा में पिंक फोर्स की शुरुआत कब हुई थी?

A. 17 दिसंबर 2021

B. 15 अगस्त 2020

C. 26 जनवरी 2022

D. 2 अक्टूबर 2023

सही जवाब: A. 17 दिसंबर 2021

सवाल 3. पिंक फोर्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?

A. यातायात नियम लागू करना

B. चुनाव कराना

C. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा करना

D. सरकारी दस्तावेज जारी करना

सही जवाब: C. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा करना

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