
दशहरे पर घर जाए या नौकरी बचाए? Image Credit source: AI
बेंगलुरु में नौकरी करने वाले एक शख्स के साथ कुछ ऐसा हुआ कि उसकी दशहरे की खुशियां चिंता में बदल गईं. शख्स ने काफी समय से अपने घर जाने और परिवार के साथ त्योहार मनाने का प्लान बनाया था. इसके लिए उसने 5,000 रुपये के ट्रेन टिकट भी बुक कर लिए थे, लेकिन छुट्टियों से ठीक पहले मैनेजर ने उसे परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) पर डाल दिया और दो दिन की छुट्टी देने से भी इनकार कर दिया. अब शख्स को समझ नहीं आ रहा कि वह घर जाए या अपनी नौकरी बचाने पर ध्यान दे.
यह पूरा मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit के r/developersIndia कम्युनिटी पर शेयर किया गया है. शख्स ने अपनी पोस्ट में बताया कि वह बेंगलुरु की एक रिटेल कंपनी में काम करता है और उसे नौकरी शुरू किए अभी सिर्फ चार महीने ही हुए हैं. दशहरे पर अपने घर जाकर माता-पिता के साथ समय बिताने के लिए उसने पहले से ही टिकट बुक कर लिए थे. उसे उम्मीद थी कि वह त्योहार के मौके पर परिवार के बीच पहुंचेगा, लेकिन अचानक आए इस फैसले ने उसका पूरा प्लान बिगाड़ दिया.
दशहरे से पहले मिला PIP का झटका
Reddit पर पोस्ट शेयर करते हुए शख्स ने बताया कि हाल ही में उसका परफॉर्मेंस रिव्यू हुआ था. इस दौरान मैनेजर ने कहा कि उसका काम उम्मीद के मुताबिक नहीं है और वह कंपनी की अपेक्षाओं के हिसाब से आउटपुट नहीं दे पा रहा है. इसी आधार पर उसे PIP पर डाल दिया गया. PIP यानी परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान के तहत शख्स को अपने काम में सुधार करने के लिए कहा जाता है. हालांकि, शख्स की परेशानी सिर्फ PIP तक सीमित नहीं रही. उसने जब दशहरे के लिए दो दिन की छुट्टी मांगी, तो मैनेजर ने उसे भी अप्रूव नहीं किया.
शख्स के मुताबिक, मैनेजर ने साफ कहा कि जब वह PIP पर है, तो उसे छुट्टी नहीं दी जा सकती. इस फैसले से वह काफी परेशान हो गया, क्योंकि वह लंबे समय से अपने घर नहीं गया था और उसके माता-पिता भी उसका इंतजार कर रहे थे. शख्स ने अपनी पोस्ट में एक और बात बताई. उसका कहना है कि मैनेजर ने उसे PIP पर डालने की बात तो कही, लेकिन उसे अब तक इस बारे में कोई लिखित जानकारी या ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं मिला है. उसने यह भी बताया कि इससे पहले भी मैनेजर ने उसकी छुट्टी की रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर दी थी, जबकि उस समय वह PIP पर नहीं था. ऐसे में उसे समझ नहीं आ रहा कि आखिर उसे छुट्टी क्यों नहीं मिल रही और आगे नौकरी को लेकर क्या करना चाहिए. अपनी परेशानी बताते हुए उसने लिखा कि वह काफी तनाव में है और उसे कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा. एक तरफ परिवार से मिलने की इच्छा है, तो दूसरी तरफ नौकरी जाने का डर सता रहा है.
पोस्ट सामने आने के बाद कई यूजर्स ने शख्स को सलाह दी कि वह परिवार के साथ त्योहार मनाने को प्राथमिकता दे और साथ ही दूसरी नौकरी तलाशने की तैयारी भी शुरू कर दे. एक यूजर ने लिखा कि उसे घर चले जाना चाहिए. मैनेजर कोई स्कूल का प्रिंसिपल नहीं है, जिसके सामने हर बात के लिए इजाजत मांगनी पड़े. वहीं, दूसरे यूजर ने सलाह दी कि वह छुट्टियों में परिवार के साथ समय बिताए और वापस आकर नई नौकरी तलाशने पर ध्यान दे. उस यूजर का मानना था कि कई कंपनियां PIP का इस्तेमाल कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रक्रिया के तौर पर करती हैं.
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कुछ लोगों ने शख्स को जल्दबाजी में इस्तीफा देने से भी रोका. उनका कहना था कि पहले उसे अपनी स्थिति समझनी चाहिए और देखना चाहिए कि क्या वह PIP की शर्तें पूरी कर सकता है. अगर उसे लगता है कि ऐसा करना मुश्किल होगा, तो छुट्टियों के बाद नई नौकरी तलाशने की तैयारी करनी चाहिए.
यहां देखिए पोस्ट
Planned for Dassara holidays in my hometown with my family. Today my manager put me under PIP. by u/TailorExtreme4040 in developersIndia

आयुष कुमार
आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.
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