PM Modi Netanyahu Talks: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार को इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस बारे में जानकारी दी है. पीएमओ के मुताबिक, इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई.

PM Modi Netanyahu Talks: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार को इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस बारे में जानकारी दी है. पीएमओ के मुताबिक, इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई.

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पीएम मोदी को आया नेतन्याहू का फोन Photograph: (File)

मध्य पूर्व में अभी भी तनाव बना हुआ है. इस बीच पीएम मोदी को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया. प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार (6 अगस्त) को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया. इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं और भारत-इजरायल द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा की.

किन मुद्दों पर हुई दोनों नेताओं के बीच बात?

PMO के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप में लगातार हो रही प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के आपसी फायदे के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया. बयान में कहा गया, "PM नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया. दोनों नेता संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए."

Prime Minister Narendra Modi received a telephone call from Prime Minister of Israel, Benjamin Netanyahu today. The two leaders reviewed sustained progress in India-Israel Special Strategic Partnership and reaffirmed their commitment to further strengthening the bilateral… pic.twitter.com/a3s0REorPo

— IANS (@ians_india) August 6, 2026

मिडिल ईस्ट पिछले पांच महीने से जारी संघर्ष

बता दें कि मध्य पूर्व में पिछले पांच महीनों से संघर्ष जारी है. तमाम कोशिशों के बाद भी इस संघर्ष को खत्म  करने का कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है. ईरान ने गुरुवार को कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जलमार्ग को लेकर ओमान के साथ एक समझौते का मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में है.

ओमान के साथ समझौते का MoU तैयार

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ओमान के साथ समझौते का मसौदा हस्ताक्षर के लिए तैयार है, जबकि अमेरिका का कहना है कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समझौता 'जल्द ही' होने वाला है.

  • मीडिया रिपोर्ट में बघाई के हवाले से कहा गया, "दोनों पक्षों द्वारा परिकल्पित मार्ग के भौगोलिक निर्देशांक पर सहमति बन गई है और यदि कुछ तीसरे पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालते हैं, तो मुख्य बातों और सहमति के बिंदुओं वाला दोनों देशों का संयुक्त बयान भी अंतिम समीक्षा और मसौदा तैयार करने के चरण में है."
  • उन्होंने कहा, "अमेरिका की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य को असुरक्षित बनाने वाले कारण अभी भी मौजूद हैं, खासकर ईरान और उसके हितों के खिलाफ नौसैनिक घेराबंदी और अन्य आक्रामक व धमकी भरे कदम."

इससे पहले, उन्होंने कहा था कि संभावित समझौते के तहत जहाज ईरान के नियंत्रण वाले मार्ग से फारस की खाड़ी में प्रवेश करेंगे और ओमान के नियंत्रण वाले मार्ग से बाहर निकलेंगे. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा प्रदान करने और समुद्री पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए सेवा शुल्क लिया जाएगा. हालांकि, अमेरिका ने कहा है कि ईरान द्वारा शुल्क लेना समझौते के खिलाफ है और होर्मुज सभी जहाजों के लिए मुक्त रहना चाहिए.

28 फरवरी के हमले के बाद पैदा हुआ था तनाव

बता दें कि इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से इसी साल 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया था. दोनों देशों के संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई. जबकि एक स्कूल पर हुए हमले में 170 छात्राओं की मौत हुई थी. इस हमले का ईरान ने भी करारा जवाब दिया.

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उसके बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट के देशों में स्थित अमेरिका सेना के ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. इसके अलावा इजरायल के भी कई शहरों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इन हमलों ने जंग का रूप ले लिया. करीब 40 दिनों के बाद अमेरिका और ईरान ने सीजफायर का एलान किया लेकिन ये युद्धविराम ज्यादा दिनों तक नहीं टिका.

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