Published: Saturday, September 5, 2026, 11:32 [IST]
Belgium PM Chocolate India Gate: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत आए तो उनके साथ एक ऐसा खास तोहफा भी था, जो अपनी तरह का अनोखा था। उन्होंने पीएम मोदी के लिए बेल्जियम की मशहूर चॉकलेट से इंडिया गेट की हूबहू प्रतिकृति तैयार करवाई थी। इस तोहफे के पीछे भारत और बेल्जियम के साझा इतिहास की कहानी भी जुड़ी थी।
खास बात यह है कि यह अनोखा चॉकलेट इंडिया गेट प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचने से पहले ही टूट गया। खुद बेल्जियम के पीएम ने इसका जिक्र मजाकिया अंदाज में किया। अब उन्होंने भरोसा दिया है कि यह खास तोहफा किसी न किसी तरह पीएम मोदी तक जरूर पहुंचेगा।
पीएम मोदी के लिए क्या खास तोहफा लाए थे बेल्जियम के पीएम?
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक बेहद खास तोहफा लेकर आना चाहते थे। उन्होंने बेल्जियम की बेहतरीन चॉकलेट से भारत के प्रतिष्ठित स्मारक इंडिया गेट की एक प्रतिकृति तैयार करवाई थी। इसे खास तौर पर पीएम मोदी को भेंट किया जाना था। यह सिर्फ चॉकलेट की कलाकृति नहीं थी, बल्कि इसके पीछे भारत और बेल्जियम के पुराने रिश्तों की कहानी भी जुड़ी थी। हालांकि, जिस खास तोहफे को लेकर डी वेवर भारत पहुंचे थे, वह यात्रा के दौरान ही टूट गया।
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भारत पहुंचने से पहले ही टूट गया चॉकलेट वाला इंडिया गेट
चॉकलेट से तैयार किया गया इंडिया गेट देखने में भले ही बेहद खूबसूरत रहा हो, लेकिन वह असली इंडिया गेट की तरह मजबूत साबित नहीं हुआ। भारत की यात्रा के दौरान यह अनोखी प्रतिकृति टूट गई। ऐसे में बेल्जियम के प्रधानमंत्री की पीएम मोदी को यह तोहफा देने की योजना अधूरी रह गई। बेल्जियम दूतावास ने भी सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर शेयर की और बताया कि यात्रा के दौरान यह दुर्भाग्य से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस घटना को दोनों देशों के बीच दोस्ताना रिश्तों के एक मजेदार किस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
बेल्जियम पीएम ने खुद सुनाया पूरा किस्सा
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार्ट डी वेवर ने इस चॉकलेट इंडिया गेट का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह प्रधानमंत्री मोदी के लिए भारत से जुड़ा एक खास तोहफा लाना चाहते थे। इसके लिए इंडिया गेट की चॉकलेट प्रतिकृति तैयार करवाई गई थी। लेकिन भारत पहुंचने तक वह टूट गई। डी वेवर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि असली इंडिया गेट करीब एक सदी से खड़ा है, लेकिन चॉकलेट से बना उसका संस्करण यात्रा पूरी नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि चॉकलेट डिप्लोमेसी अच्छी है, लेकिन यात्रा के लिए शायद उतनी बेहतर नहीं।
बेल्जियम में तैयार है चॉकलेट इंडिया गेट का बैकअप
चॉकलेट इंडिया गेट टूटने के बाद भी बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने हार नहीं मानी है। उन्होंने बताया कि बेल्जियम में इसकी एक दूसरी प्रतिकृति यानी बैकअप तैयार है। डी वेवर ने भरोसा दिया कि वह किसी न किसी तरीके से इस खास तोहफे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाएंगे। यानी पीएम मोदी को चॉकलेट से बना इंडिया गेट मिलने की उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री का यह अंदाज दोनों देशों के रिश्तों में गर्मजोशी और दोस्ताना भाव को भी दिखाता है।
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इंडिया गेट ही क्यों चुना गया?
इंडिया गेट की चॉकलेट प्रतिकृति तैयार करने के पीछे एक खास वजह थी। बार्ट डी वेवर ने बताया कि यह स्मारक भारत और बेल्जियम के साझा इतिहास का प्रतीक है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने बेल्जियम में पहुंचकर लड़ाई लड़ी थी और कई सैनिकों ने अपने प्राण गंवाए थे। चॉकलेट से बनी प्रतिकृति में इंडिया गेट पर दर्ज भारतीय सैनिकों की शहादत से जुड़े हिस्से को खास तौर पर उभारा गया था। बेल्जियम के पीएम ने कहा कि दोनों देशों के इस साझा इतिहास को याद रखना बेहद जरूरी है।