ग्वालियर: जिले के आंतरी थाना क्षेत्र स्थित शीतला माता मंदिर के सामने आज एक दर्दनाक हादसा (Gwalior Truck Accident) हो गया। ब्रेक फेल होने से दर्शन के लिए मंदिर के बाहर खड़ी भीड़ को कुचल दिया। हादसे में अब तक 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि करीब 40 ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं इस हादसे पर अब देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है और मुआवजे का भी ऐलान किया है।
PMNRF से दी जाएगी अनुग्रह राशि
पीएमओ कार्यालय ने एक्स पर लिखा- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुए हादसे में लोगों की जान जाने की खबर से बहुत दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। प्रधानमंत्री ने कहा कि PMNRF से जान गंवाने वालों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
Distressed to learn about the loss of lives due to a mishap in Gwalior, Madhya Pradesh. My condolences to the bereaved families. Praying for the speedy recovery of the injured.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each of those who lost their lives. The injured would be given Rs. 50,000: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 18, 2026
जानकारी के मुताबिक ट्रक चीनोर की तरफ से आ रहा था और ढलान पर खड़ा था। रात करीब 1 बजे के बाद अचानक ब्रेक फेल होने से ट्रक तेज रफ्तार से लुढ़का और पलटते हुए मंदिर के गेट में जा घुसा। हादसे में वहां लगी प्रसाद की तीन दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। दर्शन के लिए दरवाजे पर खड़े श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू शुरू किया गया। क्रेन की मदद से ट्रक को हटाकर नीचे दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तुरंत जयरोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घायलों में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के दो जवान भी शामिल हैं।
चश्मदीदों ने सुनाई आपबीती
प्रत्यक्षदर्शी नहल सिंह गुर्जर ने बताया कि अष्टमी होने के कारण रात 12 बजे के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल चलकर शीतला माता मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहीं घायल श्रद्धालुओं के परिजनों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि नवरात्र के दिनों में जब मंदिर पर हजारों श्रद्धालु आते हैं, तब भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक क्यों नहीं लगाई गई। उन्होंने पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नो एंट्री में ट्रक कैसे आया?
प्रत्याशिदर्शी दुकानदार आकाश प्रजापति ने बताया कि, हमारी यहां पर दुकान है हम दुकान पर थे तभी एक ट्रक लुढ़कता हुआ भीड़ में जा घुसा और कई लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने मदद की घायलों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। चार-पांच लोगों की घटनास्थल पर मौत हो चुकी थी, लेकिन नो एंट्री में ट्रक कैसे आया या सबसे बड़ा सवाल है।
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