फेसबुक से PM मोदी का पोस्ट हटाने पर मेटा ने मांगी माफी, कहा- गलती से हुआ था ऐसा

पीएम मोदी का पोस्ट हटाने पर Meta ने मांगी माफी

फेसबुक से पीएम मोदी का पोस्ट हटाने को लेकर Meta ने माफी मांगी है. मेटा ने कहा कि प्रधानमंत्री का वीडियो तकनीकी गलती से हट गया था. फिर बाद में गलती सुधारी गई और हटे कंटेंट को फिर से बहाल कर दिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था. उनके इस वीडियो को मेटा ने हटा दिया था. इस वीडियो को लाखों बार देखा गया था.

इसके बाद कई नेताओं ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी. पीएम मोदी ने इस वीडियो को सेल्फी मोड में रिकॉर्ड किया था. कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने इस वीडियो के जरिए छात्रों को संदेश दिया था. पीएम मोदी ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार कड़े कदम उठाएगी.

Meta releases a statement on blocking PM Modi’s video on Facebook.

“The content was removed in error and has since been restored.” says a Meta Spokesperson. pic.twitter.com/SZ082SY5kw

— ANI (@ANI) July 28, 2026

उन्होंने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन के निर्देश जारी किए गए हैं और पेपर लीक मामलों के लिए कड़ी सजा का भी प्रावधान किया जाएगा. इसको लेकर संसद में एक कानून भी पेश किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, वीडियो हटने के बाद सरकार ने मेटा के ग्लोबल हेड को तलब किया था. इंस्टा के ग्लोबल हेट को भी समन था. इसके बाद उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया था.

BJP नेता ने मेटा पर लगाया गंभीर आरोप

बीजेपी नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने भी मेटा पर गंभीर आरोप लगाया था. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि पीएम मोदी ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई से जुड़ी एक पोस्ट की थी, जिसे मेटा ने भारत में ब्लॉक कर दिया है. फेसबुक पर उनका पोस्ट नहीं दिख रहा है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मेटा ने आखिर किसके कहने पर इस तरह की हरकत की.

37 दिन तक चला CJP का आंदोलन

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 37 दिन का लंबा प्रोटेस्ट किया था. सरकार से अपनी मांगें मनवाने के बाद सीजेपी ने शनिवार को आंदोलन खत्म किया था. सीजेपी ने पेपर लीक के विरोध और प्रधान के इस्तीफे को लेकर 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया था. सीजेपी की तीन मांगे थीं. पहला- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरा- आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना और तीसरी मांगें थी-प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेना.

पीयूष पांडे

पीयूष पांडे

प्रमुखत: सुप्रीम कोर्ट, वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्वाचन आयोग की खबरों की जिम्मेदारी. पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और आज में सेवाएं दीं. खबरिया चैनल और अखबार के अलावा दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जिम्मेदारी निभाई, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के आमंत्रण पर कई विशिष्ट जनों के साक्षात्कार किए.

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