Published: Sunday, August 23, 2026, 16:37 [IST]
Farmers Scholarship Scheme: किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के लिए बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च उठाना कई बार मुश्किल हो जाता है। खेती में बढ़ती लागत, घर के दूसरे खर्च और कॉलेज की फीस के बीच परिवारों के सामने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की चुनौती रहती है। ऐसे में मेधावी छात्रों के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना आर्थिक मदद का जरिया बन सकती है। इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को अब हर महीने 5,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है। पहले यह रकम 3,000 रुपये प्रतिमाह थी।
हालांकि, इस योजना का फायदा लेने के लिए केवल किसान परिवार से होना पर्याप्त नहीं है। छात्र को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होने के साथ तय शैक्षणिक योग्यता भी पूरी करनी होगी। योजना में 12वीं और ग्रेजुएशन के अंकों के आधार पर पात्रता तय की गई है।
किन परिवारों के बच्चों को मिलेगा लाभ?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना किसान और पंजीकृत खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए है। योजना का लाभ लेने वाले छात्र का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। इसके साथ माता-पिता का किसान या पंजीकृत खेतिहर मजदूर होना भी जरूरी है। यानी आवेदन करने से पहले छात्र को अपनी पारिवारिक और निवास संबंधी पात्रता जांच लेनी चाहिए।
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योजना में छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन को भी काफी महत्व दिया गया है। अलग-अलग बोर्ड के लिए न्यूनतम अंकों की शर्त अलग रखी गई है। उत्तर प्रदेश राज्य बोर्ड से 12वीं पास छात्रों के कम से कम 70 फीसदी अंक होने चाहिए। वहीं, CBSE या ICSE बोर्ड से 12वीं पास करने वाले छात्रों के लिए कम से कम 85 फीसदी अंक जरूरी हैं। अगर छात्र पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है, तो उसके ग्रेजुएशन में कम से कम 70 फीसदी अंक होने चाहिए।
पहले मिलते थे 3,000 रुपये
इस योजना में छात्रवृत्ति की रकम बढ़ाई गई है। पहले पात्र छात्रों को हर महीने 3,000 रुपये मिलते थे, लेकिन अब यह सहायता बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इस आर्थिक मदद से छात्रों को अपनी पढ़ाई से जुड़े खर्च पूरे करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, छात्रवृत्ति पाने के लिए बाकी सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
आवेदन के लिए ये कागजात रखें तैयार
योजना के लिए आवेदन करते समय कई दस्तावेज जमा करने होते हैं। इनमें छात्र का आधार कार्ड, निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की मार्कशीट और बैंक खाते की पूरी जानकारी शामिल है। किसान परिवार के छात्रों से किसान होने का प्रमाण भी मांगा जा सकता है। इसके लिए खतौनी या किसान बही काम आ सकती है। वहीं, खेतिहर मजदूर परिवार के छात्रों को संबंधित श्रम कार्ड देना पड़ सकता है।
ऑनलाइन नहीं होगा आवेदन
इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया सामान्य ऑनलाइन स्कॉलरशिप फॉर्म से अलग है। छात्रों को आवेदन के लिए अपने स्कूल या कॉलेज के प्रशासनिक कार्यालय अथवा संबंधित कार्यालय से फॉर्म लेना होगा। फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरने के बाद सभी जरूरी दस्तावेज उसके साथ लगाने होंगे। इसके बाद आवेदन फॉर्म को स्कूल या कॉलेज के प्रधानाचार्य या नोडल अधिकारी से सत्यापित कराना होगा।
सत्यापित फॉर्म कहां करें जमा
सत्यापन के बाद छात्र को फॉर्म संबंधित क्षेत्रीय मंडी परिषद कार्यालय या छात्रवृत्ति काउंटर पर जमा करना होगा। फॉर्म जमा करने के बाद वहां से रसीद जरूर लें। छात्रों के लिए जरूरी है कि आवेदन से पहले सभी दस्तावेज तैयार रखें और फॉर्म में दी गई जानकारी को ध्यान से जांच लें। किसी जानकारी या दस्तावेज में कमी होने पर आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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