Published: Saturday, August 15, 2026, 6:05 [IST]
PM Modi Independence Day Attire Look: 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले की प्राचीर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस दौरान लोगों की नजर उनके भाषण के साथ उनके पहनावे पर भी हर साल की तरह रहने वाली है।
खासतौर पर उनकी पगड़ी या साफा, जो हर साल चर्चा का विषय बनता है। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अलग-अलग रंगों और क्षेत्रीय शैलियों वाली पगड़ियां पहनने की परंपरा बनाई है। कभी राजस्थानी बांधनी, कभी लहरिया तो कभी तिरंगे के रंगों वाला साफा उनके लुक का हिस्सा रहा है। आइए आपको रूबरू कराते हैं कि 12 बार 15 अगस्त को क्या पहनकर पहुंचे?
2014: लाल-हरी जोधपुरी बांधेज पगड़ी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में पहली बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था। उस समय उन्होंने ऑफ-व्हाइट हाफ-स्लीव खादी कुर्ता और सफेद चूड़ीदार पहना था।
पीएम के सिर पर लाल रंग की जोधपुरी बांधेज पगड़ी थी, जिसके पिछले हिस्से में हरे रंग का कपड़ा दिखाई दे रहा था। यह उनका बतौर प्रधानमंत्री पहला स्वतंत्रता दिवस लुक था।
2015: पीली और बहुरंगी पगड़ी
2015 में मोदी ने पीले रंग की बहुरंगी पगड़ी पहनी। इसमें क्रिस-क्रॉस पैटर्न और अलग-अलग रंगों की धारियां दिखाई दे रही थीं। इसके साथ उन्होंने हल्के रंग का कुर्ता और नेहरू जैकेट पहना था। पगड़ी का डिजाइन पिछले साल की तुलना में बिल्कुल अलग था।
2016: गुलाबी-पीली टाई-डाई पगड़ी
2016 में प्रधानमंत्री का लुक फिर बदला। उन्होंने सफेद चेकदार कुर्ते के साथ गुलाबी, लाल और पीले रंगों वाली टाई-डाई पगड़ी पहनी। यह रंगीन साफा उनके पारंपरिक परिधान के साथ काफी अलग नजर आया।
2017: लाल-पीली पगड़ी और सुनहरी क्रॉस डिजाइन
2017 में मोदी ने चटख लाल और पीले रंग की पगड़ी पहनी। इसमें सुनहरे रंग की क्रिस-क्रॉस कढ़ाई थी और पगड़ी का लंबा सिरा पीछे तक जाता था। उन्होंने इसके साथ बेज रंग का बंदगला कुर्ता पहना था।
2018: भगवा-लाल साफा
2018 में प्रधानमंत्री ने अपेक्षाकृत सादा लेकिन प्रभावशाली लुक चुना। उन्होंने भगवा और लाल रंग का साफा, सफेद कुर्ता और काले-सफेद स्टोल पहना। साफे का लंबा सिरा पीछे की ओर दिखाई दे रहा था।
2019: लाल-नारंगी लहरिया पगड़ी
2019 में मोदी ने लाल और नारंगी रंग की लहरिया पगड़ी पहनी, जिसमें हल्के हरे और क्रीम रंग की झलक भी थी। इसके साथ सफेद कुर्ता और चूड़ीदार था। दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद लाल किले से उनके इस लुक ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
2020: कोरोना काल में पगड़ी के साथ खास स्कार्फ
2020 का स्वतंत्रता दिवस कोरोना महामारी के बीच मनाया गया था। उस साल मोदी ने क्रीम रंग का कुर्ता-चूड़ीदार और नारंगी-पीले रंग का लंबी पूंछ वाला साफा पहना। खास बात यह थी कि उन्होंने सफेद स्कार्फ पर भगवा बॉर्डर वाला कपड़ा चेहरे को ढकने के लिए भी इस्तेमाल किया। महामारी के कारण लाल किले का समारोह भी पहले के मुकाबले सीमित था।
2021: भगवा साफा, लाल पैटर्न और लंबा सिरा
2021 में प्रधानमंत्री ने भगवा रंग का साफा, उस पर लाल पैटर्न और लंबा गुलाबी सिरा पहना। इसके साथ सफेद कुर्ता-चूड़ीदार, गहरे नीले रंग की जैकेट और स्टोल था। इस लुक में पारंपरिक परिधान के साथ क्षेत्रीय साफे की झलक दिखाई दी।
2022: तिरंगे के रंगों वाला साफा
2022 में मोदी ने अपने पहनावे में राष्ट्रीय ध्वज के रंगों को प्रमुखता दी। उन्होंने सफेद साफा, जिस पर भगवा और हरे रंग की धारियां थीं, पहना। इसके साथ सफेद कुर्ता-चूड़ीदार और हल्के नीले रंग की नेहरू जैकेट थी। यह लुक तिरंगे के रंगों के कारण खास बना।
2023: राजस्थानी बांधनी पगड़ी
2023 में मोदी ने पीले, लाल और हरे रंगों वाली राजस्थानी बांधनी पगड़ी पहनी। इसका लंबा सिरा पीछे तक गया था। उन्होंने ऑफ-व्हाइट कुर्ता-चूड़ीदार और काले रंग की वी-नेक जैकेट पहनी थी। पगड़ी की शैली ने राजस्थान की पारंपरिक बांधनी कला को प्रमुखता दी।
2024: लहरिया पगड़ी का रंगीन अंदाज
2024 में प्रधानमंत्री ने नारंगी, पीले और हरे रंगों वाली राजस्थानी लहरिया पगड़ी पहनी। पगड़ी का लंबा सिरा पीछे की ओर था। इसके साथ सफेद कुर्ता-चूड़ीदार और हल्के नीले रंग की बंदगला जैकेट थी। लहरिया शैली राजस्थान की पारंपरिक टेक्सटाइल कला से जुड़ी है।
2025: भगवा साफा और तिरंगा स्टोल
2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर भगवा रंग का साफा और भगवा बंदगला जैकेट पहना। इसके साथ सफेद कुर्ता-चूड़ीदार और तिरंगे रंगों वाला स्टोल था। यह उनका लाल किले से लगातार 12वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन था। उनके पूरे परिधान में भगवा रंग प्रमुख रहा, जबकि स्टोल ने तिरंगे का रंग जोड़ा।
2014 से 2025 तक क्या बदला?

मोदी के स्वतंत्रता दिवस के पहनावे को देखें तो एक बात लगातार नजर आती है 'साफा या पगड़ी'। रंग और डिजाइन हर साल बदलते रहे, लेकिन पारंपरिक भारतीय परिधान का आधार कायम रहा। 2014 की लाल जोधपुरी बांधेज पगड़ी से शुरू हुआ यह सिलसिला 2025 के भगवा साफे तक पहुंचा। इस दौरान राजस्थानी बांधनी, लहरिया, टाई-डाई और तिरंगे रंगों जैसी अलग-अलग शैलियां उनके स्वतंत्रता दिवस लुक का हिस्सा बनीं।
यही वजह है कि प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस परिधान अब समारोह का एक अलग विजुअल आकर्षण बन चुका है। 15 अगस्त को उनके भाषण के साथ यह भी देखा जाता है कि इस बार प्रधानमंत्री किस राज्य या क्षेत्र की पारंपरिक पगड़ी और किस रंग के परिधान के साथ लाल किले की प्राचीर पर पहुंचते हैं।