Published: Tuesday, July 28, 2026, 19:41 [IST]
PoJK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हालात लगातार विस्फोटक होते जा रहे हैं। सोमवार को रावलकोट और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की कथित अंधाधुंध गोलीबारी में 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोगों के लापता होने की खबर है। पिछले 52 दिनों से जारी आंदोलन के दौरान अब तक कुल 91 लोगों की मौत बताई जा रही है।
इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने भी PoJK में पाकिस्तान की कथित चुनावी प्रक्रिया और मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने इसे अवैध कब्जे को वैध ठहराने की कोशिश बताते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा है।
बातचीत नाकाम होते ही प्रदर्शनकारियों पर चली गोलियां
PoJK में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद हजारों प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इस गोलीबारी में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आंदोलनकारी हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई, दर्ज मामलों की वापसी और अपनी अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे थे।
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52 दिनों के आंदोलन में अब तक 91 मौतों का दावा
PoJK में पिछले करीब दो महीनों से पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आर्थिक बदहाली, प्रशासनिक दमन और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के खिलाफ यह आंदोलन चल रहा है। स्थानीय दावों के अनुसार, सोमवार की घटना के बाद आंदोलन के दौरान मरने वालों की संख्या बढ़कर 91 हो गई है। लगातार हो रही हिंसा के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और लोगों में पाकिस्तान सरकार तथा सेना के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
चश्मदीद ने दुनिया से की दखल की अपील
रावलकोट के रहने वाले और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अकील भाई, जिन्होंने खुद को घटना का चश्मदीद बताया, ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मीडिया से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि गोलीबारी इतनी भयावह थी कि राहत और बचाव कार्य में जुटे लोग भी घबरा गए। प्रदर्शनकारियों ने भी मुस्लिम उम्मा, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से पाकिस्तान की कार्रवाई का संज्ञान लेने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के चुनावी दावे को बताया ढकोसला
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने PoJK में पाकिस्तान की तथाकथित चुनावी प्रक्रिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं। जायसवाल ने कहा कि यह चुनावी प्रक्रिया केवल एक दिखावा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान के अवैध कब्जे और क्षेत्र में हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालना है।
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भारत बोला- पाकिस्तान के अत्याचारों का नतीजा है जनआक्रोश
विदेश मंत्रालय ने कहा कि PoJK में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान की नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। रणधीर जायसवाल के अनुसार, वहां के लोगों का गुस्सा आर्थिक शोषण, लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन के खिलाफ है। भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान को अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्रों को खाली करना चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मानवाधिकारों के उल्लंघन और स्थानीय लोगों की आवाज को गंभीरता से लेने की अपेक्षा जताई गई।