Aug 10, 2026 09:01 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
Pakistan News Today: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पीओके में चल रहे मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत पर जोर दिया है। उन्होंने अशांति फैलाने वालों को चेतावनी भी दी है। शरीफ ने कहा कि शिकायतों का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए और संकेत दिया कि सरकार जेएएसी से संवाद के लिए तैयार रहेगी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन जारी है। लगता है इस बवाल से पाकिस्तानी पीएम घबरा गए हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बात करने की अपील नहीं करते। उन्होंने इलाके में उठ रही शिकायतों और मांगों को सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने पर जोर दिया है। साथ ही, उन तत्वों को सख्त चेतावनी भी दी है जो क्षेत्र में अराजकता और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। शरीफ ने स्पष्ट किया कि सरकार शांतिपूर्ण संवाद के लिए तैयार है, लेकिन उपद्रव और हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बैठकर और बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के साथ संवाद की संभावनाओं का भी संकेत दिया और उम्मीद जताई कि नई सरकार के गठन के बाद यह प्रक्रिया और आगे बढ़ेगी।
बातचीत ही एकमात्र रास्ता
पीओके की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए शहबाज शरीफ ने जोर देते हुए कहा कि अगर कोई मसला है, तो उसे बैठकर और बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों और शिकायतों को समझने तथा उन पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि आज भी मेरा मानना है कि जब नई सरकार सत्ता में आएगी, तो प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का प्रोसेस आगे बढ़ेगा। इस दौरान शरीफ ने संकेत दिया कि सरकार संवाद का दरवाजा बंद नहीं करना चाहती, बल्कि शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
उपद्रवियों के लिए कोई जगह नहीं
बातचीत का समर्थन करते हुए भी शहबाज शरीफ ने उन लोगों के खिलाफ साफ लाइन खींच दी जो इलाके में शांति भंग करने और अराजकता फैलाने पर आमादा हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग वहां परेशानी खड़ी करने और अराजकता फैलाने पर तुले हैं, उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का रुख दोहरा है। जो लोग शांतिपूर्वक अपनी बात रखना चाहते हैं, उनके साथ संवाद होगा। लेकिन जो तत्व क्षेत्र में अशांति पैदा करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा, उपद्रव या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शांतिपूर्ण संवाद के लिए दरवाजे खुले
इस दौरान शरीफ ने दोहराया कि जो लोग धैर्य, सहनशीलता और शांति के साथ मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं, उन्हें पूरा मौका दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य किसी भी तरह की जबरदस्ती या दमन का नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान निकालना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार के आने के बाद भी यह नीति जारी रहेगी और प्रदर्शनकारियों के साथ सार्थक बातचीत आगे बढ़ेगी।
