
PoK का निकला उधमपुर में मारा गया जैश आतंकी
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में 17 सितंबर को सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल उर्फ मुस्तफा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, मुस्तफा का असली नाम आदिल खान सुदोजई था और वह पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी PoK के रावलाकोट इलाके के पोथी मकवालां गांव का रहने वाला था. 17 सितंबर को उधमपुर के ब्रट्टल सोहन और खुब्बन के जंगलों में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया था. इस दौरान सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों, मुस्तफा और सद्दाम को मार गिराया था. मुठभेड़ के बाद आतंकियों के पास से AK-47, M4 कार्बाइन, पिस्टल और ग्रेनेड समेत बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे.
अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, मुस्तफा ने रावलाकोट के उमर बॉयज हाई स्कूल से 10वीं तक पढ़ाई की थी. स्थानीय लोगों और उसके पुराने स्कूल साथियों के हवाले से उसकी पहचान आदिल खान सुदोजई के तौर पर सामने आई है. बताया जा रहा है कि बाद में वह जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में आया और आतंकी संगठन के लिए काम करने लगा.
2024 में LoC पार कर आया था भारत
जानकारी के मुताबिक, आतंकी ट्रेनिंग लेने के बाद आदिल 2024 में LoC पार कर जम्मू-कश्मीर में दाखिल हुआ था. इसके बाद वह करीब दो साल तक सुरक्षा एजेंसियों से बचते हुए जम्मू-कश्मीर में सक्रिय रहा. आखिरकार 17 सितंबर को उधमपुर के जंगलों में सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया और मुठभेड़ में मुस्तफा और उसके साथी सद्दाम को मार गिराया.
PoK से जुड़ता जा रहा आतंकी नेटवर्क
मुस्तफा की पहचान सामने आने के बाद एक बार फिर PoK से जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ और सीमा पार आतंकी नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. खास बात यह है कि मुस्तफा का संबंध रावलाकोट के सुदोजई इलाके से सामने आया है. इससे पहले भी रावलाकोट से आतंकी नेटवर्क के तार जुड़ने की जानकारी सामने आती रही है.
अब सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि मुस्तफा को जम्मू-कश्मीर में भेजने के पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय था और उसने यहां किन लोगों के संपर्क में रहकर काम किया. उधमपुर एनकाउंटर के बाद सामने आई यह पहचान एक बार फिर इस बात के सबूत मिले हैं कि जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के तार सीमा पार PoK से ही जुड़े हुए हैं.
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रमन सैनी
रमन सैनी एक वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में स्पेशल रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले इंडिया डेली लाइव में जम्मू कश्मीर ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. रमन सैनी ने अपने करियर के 15 वर्ष इंडिया टीवी के साथ बिताए. इसके बाद उन्होंने इंडिया डेली लाइव जॉइन किया, जहां से जम्मू कश्मीर की अहम रिपोर्टिंग का नेतृत्व किया. उनकी पत्रकारिता का मुख्य फोकस संघर्ष क्षेत्र, आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर रहा है. रमन सैनी ने आतंकवाद, सीमा पार घुसपैठ और लगातार होने वाली क्रॉस बॉर्डर फायरिंग की व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन हमला, दीनानगर पुलिस स्टेशन हमला जैसे बड़े आतंकी मामलों की कवरेज के अलावा उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्रवाइयों को भी कवर किया है.
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